दोपहर कथारा विधुत सब स्टेशन मे लगी भयंकर आग, जारंगडीह फिडर का 5 एमबी का ट्रांसफार्मर जल कर राख

ट्रांसफार्मर ओवर हिटिंग के कारण लगी यह आग, घंटो के मेहनत के बाद आग पर पाया गया काबू सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र अंतर्गत कथारा चार नंबर स्थित विधुत सब स्टेशन मे उस समय दोपहर लगभग दो बजे अफरा-तफरी मच गई जब एकाएक जारंगडीह फिडर के 5 एमबी विधुत ट्रांसफार्मर मे आग लग गई और इससे पहले कि इस भयंकर आग पर काबू पा

May 28, 2024 - 14:30
Updated: 2 years ago
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सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र अंतर्गत कथारा चार नंबर स्थित विधुत सब स्टेशन मे उस समय दोपहर लगभग दो बजे अफरा-तफरी मच गई जब एकाएक जारंगडीह फिडर के 5 एमबी विधुत ट्रांसफार्मर मे आग लग गई और इससे पहले कि इस भयंकर आग पर काबू पाया जाता वह ट्रांसफार्मर पुरी तरह जल कर राख हो चुका था। जैसे ही इस घटना की सूचना कथारा कोलियरी को मिली तो वहां से तत्काल पानी का टैंकर भेजा गया, फिर कथारा ओपी थाना को फोन किया गया। वहां से बीटीपीएस, गोमिया, तेनुघाट फायर ब्रिगेड को फोन किया गया। तब तक कथारा कोलियरी के पानी टैंकर से आग को काबू किया जा रहा था। काफी समय के बाद बीटीपीएस गोमिया और तेनुघाट के फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। इस घटना को सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। इस मौके पर रेस्क्यू टीम के अलावे कथारा कोलियरी के अधिकारीगण और मजदूर अपनी जान पर खेल आग बुझाने में लगे हुए थे। इस मौके पर सब स्टेशन के अधिकारियों कथारा कोलियरी के अधिकारियों कथारा ओपी थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ रेस्क्यू टीम कथारा अपने पूरे टीम के साथ घटना स्थल पर मौजूद रही। बताता चलू की इतने बड़े प्रक्षेत्र होने के बाद भी वर्षों से सीसीएल कथारा का खुद का फायर ब्रिगेड का कोई विभाग नही जबकि अक्सर इस तरह की घटनाओं के बाद इसकी जरुरत महसुस की जाती है। ऐसा नहीं कि सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र मे फायर ब्रिगेड विभाग नही था। कुछ वर्षो पुर्व तक सीसीएल कथारा प्रक्षेत्र मे विधिवत फायर ब्रिगेड का पुरा विभाग सक्रिय था और इसके दफ्तर भी थे जो आज कथारा मे जुनियर डीएवी के रुप में स्थापित है। सीसीएल ने यह विभाग क्यो बंद किया यह तो सीसीएल के अधिकारी जाने मगर इतना तय है कि आने वाले दिनों में अगर सीसीएल खुद का फायर ब्रिगेड विभाग नही बनाया तो इसी तरह इस तरह की घटना के बाद दुसरे पर आश्रित होना पड़ेगा और भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। आग लगने के कारण के बारे में प्रथम दृष्टि जो जानकारी निकल कर सामने आई उसके अनुसार यह ओवर हिटिंग का मामला है। वही इस घटना के बाद युद्ध स्तर पर इसकी मरम्मती का कार्य चल रहा है ताकि जल्द से जल्द जारंगडीह को बिजली बहाल किया जा सके वही समाचार लिखे जाने तक जारंगडीह परियोजना और जारंगडीह क्षेत्र में बिजली बाधित बताई गई है।

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