बालू के अवैध कारोबारी अब नदियों का कर रहे हैं चीरहरण, मानव जीवन के लिए बज रही खतरे की घन्टी

गोमिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बहने वाली कई नदियों के अस्तित्व पर अब खतरा मंडराने लगा है। अवैध कारोबारियों के द्वारा नदियों से कर रहे बालू की बेतहाशा उत्खनन अब नदियों के लिए अभिशाप बनते जा रहा है। पशु-पक्षियों एवं मानव जीवन के लिए यह एक बहुत बड़ी खतरे की घन्टी है। अवैध कारोबारियों के द्वारा बालू तस्क

Apr 30, 2024 - 15:08
Updated: 2 years ago
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गोमिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बहने वाली कई नदियों के अस्तित्व पर अब खतरा मंडराने लगा है। अवैध कारोबारियों के द्वारा नदियों से कर रहे बालू की बेतहाशा उत्खनन अब नदियों के लिए अभिशाप बनते जा रहा है। पशु-पक्षियों एवं मानव जीवन के लिए यह एक बहुत बड़ी खतरे की घन्टी है। अवैध कारोबारियों के द्वारा बालू तस्करी को लेकर नदी का दोहन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।बालू के अवैध कारोबारी, नदियों से ऐसे अवैध तरीकें से बालू का उठाव करते हैं, जैसे मानो वें नदियों का चीरहरण कर रहे हैं और चीरहरण भी ऐसा कि नदी अब बालू विहीन होते जा रहा है, तो वहीं कई नदी अपने अस्तित्व खोकर नालों में तब्दील होते जा रही है। बालू के अवैध उत्खनन के कारण नदी में मिट्टी का जमाव होते जा रहा है। कई जगह तो नदी में खर-पतवार उगे हुए मिट्टी के टीले नजर आने लगे हैं। यह एक चिंतनीय विषय है। नदियां अपने अस्तित्व को बचाने के लिए अवैध कारोबारियों से दया की भीख मांग रही है। नदियों से बालू का उठाव धड़ल्ले से हो रहा । अवैध बालू कारोबारियों के विरुद्ध पदाधिकारी समय-समय पर छापेमारी भी करते हैं। कभी कभार अधिकारी अवैध बालू लदे हुए ट्रैक्टरों को पकड़कर नजदीकी थाने ले जाती है और उसपर कार्यवाही भी करती हैं, इसके बावजूद भी अवैध कारोबारी नदियों से बालू का उठाव धड़ल्ले से करते रहते हैं। वैसे अगर प्रशासन चाहे तो सड़क किनारे दुकान व मकानों में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच कर इसका खुलासा कर सकते हैं। अगर नदी का दोहन नहीं रुका तो आनेवाले समय में पानी की होगी क़िल्लत इस संबंध में कई ग्रामीणों ने बताया कि अगर नदी के दोहन को नहीं रोका गया, तो आने वाले कुछ वर्षों में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। अवैध कारोबारी अपने निजी लाभ को लेकर सैकड़ो लोगो के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जो आने वाले समय मे खतरे की घंटी दिखाई पड़ रही है। समय रहते नदी से बालू के अवैध उत्खनन को रोकी नही गयी तो आने वाले समय मे क्षेत्र के नदियों को हमे इतिहास के पन्नों में ही देखने को मिलेगा।

वहीं प्रशासन की माने तो किसी भी सूरत में बालू का अवैध उत्खनन नही होने दिया जायेगा। सूचना मिलने पर अवैध कारोबारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। क्षेत्र के इन नदियों में रात के अंधेरे से लेकर अहले सुबह तक होता है बालू का अवैध उत्खनन बोकारो नदी के होसिर-साड़म स्थित कई बालू घाटो से चतरोचट्टी स्थित केकई नदी बालू घाट से दामोदर नदी बालू घाट, कोनार नदी बालू घाट से बालू की ढुलाई बा दस्तुर जारी है।

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