बेरमो में कुमार जयमंगल और रविन्द्र पांडेय बीच कांटे की टक्कर, जयराम पर सबकी नजर

रिपोर्ट : अविनाश कुमार बेरमो विधानसभा सीट संख्या-35 का चुनाव 20 नवंबर को होगा तथा मतगणना 23 नवंबर को होगा। इस बार चुनाव में प्रत्याशियों के बीच कांटे की होने की उम्मीद है। जहां इंडी गठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी निवर्तमान विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह का सीधा टक्कर एनडीए गठबंधन समर्थित भाज

Nov 12, 2024 - 07:32
Updated: 2 years ago
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रिपोर्ट : अविनाश कुमार

बेरमो विधानसभा सीट संख्या-35 का चुनाव 20 नवंबर को होगा तथा मतगणना 23 नवंबर को होगा। इस बार चुनाव में प्रत्याशियों के बीच कांटे की होने की उम्मीद है। जहां इंडी गठबंधन समर्थित कांग्रेस प्रत्याशी निवर्तमान विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह का सीधा टक्कर एनडीए गठबंधन समर्थित भाजपा प्रत्याशी पांच बार के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय से होने की संभावना है। वही इन दोनों प्रत्याशियों के लिए झारखंड क्रांतिकारी लोकतंत्रिक मोर्चा के प्रत्याशी जयराम महतो मुसीबत बने हुए हैं। इन तीन दिग्गज के चुनावी मैदान में होने से बेरमो हॉट सीट हो गया है, साथ ही मुकाबला त्रिकोणीय होता नजर आ रहा है। इन तीनों को लेकर बेरमो विधानसभा से कुल 14 प्रत्याशी है। इसमें निर्दलीय प्रत्याशी तीर्थनाथ आकाश, संतोष महतो, जगदीश केवट, मंजूर आलम, उमा शंकर शास्त्री, घनश्याम मिश्रा, नरेश कुमार गोसाई, मंतोष सोरेन, मो० बेलाल हाशमी, रूपलाल ठाकुर तथा ललित नारायण है। इन सब के बीच जयमंगल सिंह और रविन्द्र पांडेय में कांटे की टक्कर दिख रहा है। इसमें जयराम पर भी सबकी नजर रहेगी। क्योंकि जयराम ने लोकसभा चुनाव में बेरमो विधानसभा से 53 हजार वोट लाए थे, पर बेरमो में लोकसभा और विधानसभा में अलग अलग स्थिति अलग होती है। जयराम ग्रामीण क्षेत्रो मे स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयासरत है, ताकि मुकाबला त्रिकोणीय हो सके। लेकिन वर्तमान स्थिति में मुख्य मुकाबला अनूप सिंह और रविन्द्र कुमार पांडेय में होता नजर आ रहा है। अभी चुनाव में 9 दिन तथा प्रचार में 7 दिन शेष बचे है। इन दिनों में प्रत्याशियों के द्वारा अपने पक्ष में मतदाताओं को करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे। प्रत्याशियों के द्वारा मतदाताओं को अपने कार्यों और अपने विचारधारा को जनता को बताने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है, साथ ही नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया जा रहा है। जहां एक तरह वर्तमान विधायक अनूप सिंह अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यकाल में किए गए विकास योजनाओं को गिना रहे है, तो रविंद्र पांडेय अपने कार्यकाल के तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योजनाओं को गिना रहे है। वही एक तरह जयराम महतो माटी और स्थानीयता में नाम पर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने का कोशिश कर रहे है। झारखंड में पहले चरण का वेटिंग 13 नवंबर को है। उसके बाद बेरमो में बड़े नेताओं का आना प्रारंभ हो जाएगा। अभी से ही बेरमो की जनता कौन जीतेगा इसका आकलन लगाने में जुट है। लेकिन बेरमो की जनता समझदार है। वो सबकी बाते सुन रहे है और जानते है कि किसे अपना वोट देने से क्षेत्र का विकास हो सकता है।

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