युवा साथी झारखंड के अध्यक्ष विकास सिंह ने किया प्रेस वार्ता

धारा 107 को अविलंब रद्द करने का किया मांग युवा साथी झारखंड के अध्यक्ष विकास सिंह ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर बताया कि मैं एक सामाजिक युवा हूँ और युवा साथी झारखंड के नाम से एक सामाजिक संस्था चलाता हूँ। हम अपने संस्था के उद्देश्य के साथ निस्वार्थ भाव से समय समय पर समाज के गरीब, लाचार और निर्धन

Apr 12, 2024 - 14:09
Updated: 2 years ago
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युवा साथी झारखंड के अध्यक्ष विकास सिंह ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी कर बताया कि मैं एक सामाजिक युवा हूँ और युवा साथी झारखंड के नाम से एक सामाजिक संस्था चलाता हूँ। हम अपने संस्था के उद्देश्य के साथ निस्वार्थ भाव से समय समय पर समाज के गरीब, लाचार और निर्धन परिवारों के बीच सामाजिक कार्यों का निर्वहन करते हैं। न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी बरही के द्वारा मेरे उपर 107 का धारा लगाया गया है एवं नोटिस जारी किया गया है जो समझ से परे है। आज तक के जीवन में मेरा एवं मेरे परिवार का कही से कोई भी अपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता नही है।

एक सामाजिक युवा को इस तरह का नोटिस जारी कर उसके छवि को धूमिल करना सरासर गलत है। न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी बरही के द्वारा मेरे प्रति इस तरह का कार्य करना एक राजनीतिक कार्यशैली को दर्शाता है जिससे युवा साथी झारखंड के सभी सदस्यों एवं युवाओं में भारी रोष है।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता द्वारा इस तरह का षड्यंत्र रचा जा रहा है। जो भी लोग इस तरह के कार्य में लग कर एक सामाजिक युवा के चरित्र को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आपका यह कार्य कभी पूरा नही हो सकता।

साथ ही मैं न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी बरही को बताना चाहता हूं कि किसी भी स्वच्छ व्यक्ति के प्रति बिना कोई साक्ष्य और जानकारी के इस तरह का नोटिस जारी कर उसकी छवि को धूमिल करना गलत है। न्यायालय अनुमंडल दंडाधिकारी बरही से मेरा अनुरोध है कि अतिशीघ्र इस नोटिस पर विचार करते हुए इसे अविलंब रद्द करें। मेरे उपर गलत तरीके लगाए गए धारा एवं नोटिस को अविलंब रद्द किया जाए अन्यथा हम सभी युवा वर्ग आंदोलन को बाध्य होंगे।

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