विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कथारा क्षेत्र में पर्यावरण को बचाने एवं “भूमि पुनरुद्धार, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की क्षमता” हेतु कार्यक्रम का आयोजन

कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक डी. के. गुप्ता ने कार्यक्रम का शुभारम्भ पर्यावरण के ध्वजारोहण से किया। प्रबंधन प्रशिक्षु (पर्यावरण) पलक अग्रवाल ने लोगों को 5 जून को समूचे विश्व में मनाये जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में बताया। कथारा क्षेत्र के सभी परियोजनाओं में शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण का कार्

Jun 05, 2024 - 13:42
Updated: 2 years ago
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कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक डी. के. गुप्ता ने कार्यक्रम का शुभारम्भ पर्यावरण के ध्वजारोहण से किया। प्रबंधन प्रशिक्षु (पर्यावरण) पलक अग्रवाल ने लोगों को 5 जून को समूचे विश्व में मनाये जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में बताया। कथारा क्षेत्र के सभी परियोजनाओं में शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सभागार कक्ष, कथारा मे महाप्रबंधक कि अध्यक्षता मे एक्सटेम्पोर का आयोजन किया गया, जिसमे क्षेत्र के सभी विभागाध्यक्षों ने भाग लिया और उन्हे पर्यावरण पर एक - एक विषय पर 2 से 3 मिनट के लिए बोलने को दिया गया। जिसमे सभी ने अपने-अपने अच्छे -अच्छे मन्तव्य दिए। इस आयोजन के विजेता श्री सी. बी. तिवारी रहे, जिन्हे महाप्रबंधक ने सर्टिफिकेट एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया। श्री तिवारी ने लोगों को संदेश दिया कि अपने या अपने बच्चों के जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं ।

इसके बाद प्रांगण मे, पलक अग्रवाल ने इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “भूमि पुनरुद्धार, मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने की क्षमता” के बारे में लोगों को बताते हुए उन्हें भूमि पुनरुद्धार करने और भूमि को बचाने के लिए वृक्षारोपण को अधिकाधिक करने के लिए प्रोत्साहित किया और कोल् इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष महोदय श्री पी. एम. प्रसाद का सन्देश लोगों तक पहुंचाया। तत्पश्चात महाप्रबंधक ने कहा कि पूरी दुनिया में पारिस्थितिक तंत्र खतरे में हैं। जंगलों और शुष्क भूमि से लेकर खेत और झीलों तक, प्राकृतिक स्थान जिस पर मानवता का अस्तित्व निर्भर करता है, चरम बिंदु पर पहुँच रहे हैं। मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन के अनुसार, ग्रह की 40 प्रतिशत भूमि निम्नीकृत हो गई है, जिसका सीधा असर दुनिया की आधी आबादी पर पड़ रहा है। 2000 के बाद से सूखे की संख्या और अवधि में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है - तत्काल कार्रवाई के बिना, सूखा 2050 तक दुनिया की तीन-चौथाई से अधिक आबादी को प्रभावित कर सकता है। भूमि बहाली संयुक्त राष्ट्र पारिस्थितिकी तंत्र बहाली दशक (2021-2030) का एक प्रमुख स्तंभ है, जो दुनिया भर में पारिस्थितिकी प्रणालियों की सुरक्षा और पुनरुद्धार के लिए एक रैली का आह्वान है, जो सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है। हम समय को पीछे नहीं लौटा सकते, लेकिन हम जंगल उगा सकते हैं, जल स्रोतों को पुनर्जीवित कर सकते हैं और मिट्टी वापस ला सकते हैं। हम वह पीढ़ी हैं जो भूमि के साथ शांति स्थापित कर सकते हैं। इसके बाद डीएवी, कथारा एवं स्वांग में आयोजित निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता के उत्कृष्ट 13 छात्रों को पुरुस्कार वितरण कर प्रोत्साहित किया गया इसके साथ ही महाप्रबंधक और उपस्थित सभी अफसरों ने फुटबॉल ग्राउन्ड में वृक्षारोपण कर लोगों को सन्देश दिया की “पौधारोपण ही एक सबसे सस्ता उपाय” हैं। इस कार्यक्रम में कथारा क्षेत्र के अर्जुन कुमार प्रसाद (SO (P&P)), जयंत कुमार (SO(P&A)), बिनोद कुमार (SO(M)), राजेश कुमार (AFM), संजय सिंह (SO(C)), बिपिन कुमार (SO(E&M)), सी. बी . तिवारी (SO(Safety)), एस. के. गुप्ता (ASO), निरंजन विश्वकर्मा, चन्दन कुमार (Nodal CSR), अजुराम, रोहित कुमार तथा अन्य कामगार एवं सुरक्षाकर्मी भी उपस्थित रहे ।

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