संशोधित नियमावली में पदोन्नति हेतु बदलाव किए जाने को लेकर को सौंपा गया ज्ञापन

ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य रायबरेली : प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश द्वारा 2020 की संशोधित नियमावली में लेवल 3 की पदोन्नति हेतु शर्तों में बदलाव को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया है और ज्ञापन पर कार्रवाई की मांग की गई है। श

Jul 18, 2025 - 16:03
Updated: 12 months ago
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ब्यूरो रिपोर्ट : शिवा मौर्य

रायबरेली : प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश द्वारा 2020 की संशोधित नियमावली में लेवल 3 की पदोन्नति हेतु शर्तों में बदलाव को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया है और ज्ञापन पर कार्रवाई की मांग की गई है। शुक्रवार को रायबरेली प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों द्वारा मनोज शुक्ला संयुक्त निदेशक सीएचसी ऊंचाहार व सचिव डॉक्टर शरद कुशवाहा नेत्र चिकित्सा, सीएचसी हरचंदपुर द्वारा 2020 की संशोधित सेवा नियमावली में पदोन्नति हेतु अहर्ता की शर्तों में बदलाव किए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा है। बताया कि, राज्य चिकित्सा सेवा संवर्ग के सदस्य इस ज्ञापन के माध्यम से लागू की गई सेवा नियमावली में किए गए एक संशोधन की ओर ध्यान आकर्षित कराना चाहते हैं, जो लेवल 3 पर पदोन्नति हेतु निर्धारित अर्हता शर्तों में मूलभूत परिवर्तन में संबंधित है। पूर्व सेवा नियमावली 2011 के अनुसार किसी भी डॉक्टर को लेवल 3 पर पदोन्नति हेतु 11 वर्षों की सेवा आवश्यक थी। जिसमें लेवल 1 लेवल 2 में किए गए समस्त सेवा सम्मिलित होते थे।किंतु नई सेवा नियमावली 2020 में यह स्पष्ट किया गया कि, अब लेवल 3 पर पदोन्नति हेतु केवल लेवल 2 में न्यूनतम 6 वर्ष की सेवा को ही मान्य माना जाएगा,इस परिवर्तन के कारण समस्त चिकित्सक जिन्होंने लेवल 1 पर की गई कार्यकाल पदोन्नति की प्रतीक्षा की, अब अमान्य घोषित हो गए, इसके परिणाम स्वरूप ऐसे डॉक्टरों को फिर से लेवल 2 में 6 वर्ष की सेवा पूर्ण करनी पड़ेगी। जिससे उनकी पदोन्नति अनावश्यक रूप से लंबित हो गई है। यह स्थिति न्यायोचित नहीं है। प्रतीत होती है। विशेष कर उनके लिए जिन्होंने पहले की नियमावली के अनुसार योग सेवा अवधि पूरी कर ली थी। चिकित्सकों ने बताया कि इस नियम में एक संक्रमणशील प्रावधान जोड़ा जाए, जिससे 2020 से पूर्व की सेवा को पूर्वक मान्यता दी जा सके 2020 से पहले पदस्थ डॉक्टरों के लिए प्रावधान लाया जाए ताकि वे पुरानी नियमावली के तहत ही पदोन्नति प्राप्त कर सकें। इस विषय पर एक पुनर्विचार समिति की बैठक की जाए, जो संशोधन की प्रभावित मामलों की समीक्षा कर निष्पक्ष सुझाव दे सके। चिकित्सकों ने कहा कि हमारे अनुरोध को संवेदनशीलता और न्याय भावना के साथ संज्ञान में लेते हुए उक्त कार्रवाई करेंगे जिससे वर्षों की निष्ठा पूर्वक की गई सेवा को सम्मान मिल सके और डॉक्टर के मनोबल को सुदृढ किया जा सके।

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