क्या बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पाला फिर से बदलेंगे नीतीश कुमार…?

जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, ठीक वैसे ही राजनीतिक गलियारों पर एक दूसरे पार्टी के ऊपर टंच कसने का दौर आगे बढ़ रहा है. हम आपको बताते चले की इसी साल के आखिरी में बिहार विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव होने में तो अभी कई महीने बाकी है, पर चुनाव की तैयारी पर जोर राजनीतिक पार्टियों जोरों शोरों से कर रही है। अभी वही दौर शुरू होने जा रहा है, जब राजनेता एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप एक दूसरे की पार्टी के ऊपर लगाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर अपनी चुनावी परी की शुरुआत करने वाले बिहार के लाल प्रशांत किशोर ने एक बहुत ही बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बयान देते हुए कहा है, कि आने वाले बिहार की विधानसभा चुनाव पश्चात नीतीश कुमार एक बार फिर से अपना पाला बदलेगी।


जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि जदयू इस बार के चुनावों में बहुत खराब प्रदर्शन करने जा रही है. नीतीश कुमार जब यह समझ जाएंगे कि भाजपा उन्हें समर्थन नहीं देने वाली, तो वे फिर से पाला बदल सकते हैं, लेकिन जदयू की सीटें इतनी कम होंगी कि उन्हें मुख्यमंत्री पद नहीं मिलेगा, चाहे वे किसी भी गठबंधन में जाएं

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बीजेपी और जेडीयू मिलकर लड़ेंगे विधानसभा चुनाव


बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए. बीजेपी ने पहले ही घोषणा कर दी है, कि वह आने वाले बिहार के विधानसभा चुनाव में जैदियों के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी. अब चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने बुधवार को बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार में चुनाव तो भाजपा के साथ लड़ेंगे, लेकिन बाद में वह पाला बदल सकते हैं. इस दावे को सिद्ध करते हुए उन्होंने कहा कि जेडीयू आने वाले चुनाव में काफी कम मात्रा मे सीट ल पाएगी। यही सबसे बड़ा करण है, कि भाजपा उन्हें मुख्यमंत्री का पद नहीं देगी।

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नीतीश अब कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बन सकते

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर यह भी कहा कि नीतीश कुमार अब इतने अलोकप्रिय हो चुके हैं कि वे लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे, चाहे वे किसी भी गठबंधन में शामिल क्यों न हों?

नीतीश के अलावा कोई भी बन सकता है सीएम

पश्चिम चंपारण में एक संवाददाता सम्मेलन में शिरकत करते हुए। जन सुराज पार्टी के संस्थापक किशोर ने कहा कि नवंबर में चुनाव समाप्त होने के बाद सिवाय नीतीश कुमार के कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है. आप इसे लिखित में ले सकते हैं. अगर मैं गलत साबित हुआ, तो मैं अपना राजनीतिक अभियान छोड़ दूंगा.

प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के भाजपा के साथ संबंध को लेकर कहा कि वे भाजपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे. उन्होंने हमेशा ऐसा किया है, 2015 को छोड़कर, जब मैंने उनके अभियान की रणनीति बनाई थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा इस बार नीतीश को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने से बच रही है क्योंकि उनकी लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है.

भाजपा और कांग्रेस पर भी बरसे प्रशांत किशोर

उन्होंने बिहार की खराब स्थिति के लिए केवल जदयू और राजद को ही नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया. किशोर ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए बिहार की शराबबंदी नीति की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को शराबबंदी इतनी पसंद है, तो वे उत्तर प्रदेश और अन्य भाजपा-शासित राज्यों में इसे लागू क्यों नहीं करते? वहां वे विकास और निवेश की बात करते हैं और बिहार में मुफ्त राशन और शराबबंदी से आगे कुछ नहीं सोचते.

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी जन सुराज पार्टी बिहार को इस “राजनीतिक दलदल” से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो दशकों से नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के बीच सत्ता संघर्ष में फंसा हुआ है.

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