जिला कारागार में कैदियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायबरेली : सरकार के मानसा के अनुरूप जेल में निरुद्ध कैदियों के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिस अभियान का मुख्य उद्देश्य जेल में निरुद्ध कैदियों को आत्मनिर्भर बनाना है। जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि कैदी की जेल से जमानत होने के बाद वह अपना और अपने परिवार का पालन पोषण सामाजिक दृष्टिकोण से मेहनत करके करें और अपराध की दुनिया से दूर हो जाए। ऐसे में रायबरेली जिला जेल के तत्वाधान मे बंदियों को बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के सहयोग से अगरबत्ती, धूपबत्ती और वर्मीकम्पोस्टिंग में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

वही इस पूरे मामले पर जेल अधीक्षक अमन कुमार सिंह ने बताया की रायबरेली जेल प्रशासन की मंसा साफ़ है कि बंदी जेल से निकलने के बाद ह्यूमन कैपिटल बने न कि ह्यूमन थ्रेट। इसी को मद्देनजर रखते हुए जेल में निरुद्ध कुल 50 बंदियों द्वारा प्रशिक्षण लिया जा रहा है, प्रशिक्षण के समापन पर प्रशिक्षित बंदियों को प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। जिससे निरुद्ध बंदी अपने रिहाई के तत्पश्चात जेल में प्राप्त प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी जीविकोपार्जन कर सकेंगे और अपराध की दुनिया से दूर रहेंगे। इस तरह के कार्यक्रम सरकार के मनसा के अनुरूप समय-समय पर सभी जेल में निरुद्ध कैदियों के लिए करवाए जाते हैं।

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