ज्ञापन में बिजली निजीकरण को बताया दुष्प्रभावी एवं अनुचित, आम जनमानस को मिलेगी अधिक मंहगी बिजली
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे जनसंपर्क महाअभियान के तारतम्य में शाखा हरदुआगंज तापीय परियोजना के पदाधिकारियों ने आज दिनांक 15.12.2024 को लोकसभा क्षेत्र में अलीगढ़ के माननीय सांसद सतीश गौतम जी के प्रतिनिधि एवं विधानसभा बरौली क्षेत्र के माननीय विधायक जयवीर सिंहजी को ज्ञापन सौंपा और ज्ञापन को अपने पत्र के साथ प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को भेजने का अनुरोध किया।

संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपने पहुंची टीम में कुलभूषण वर्मा, सत्यम यादव, विजय मौर्य ने समस्त जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर उन्हें निजीकरण के दुष्प्रभावों एवं विद्युतकर्मियों के अंधकारमय भविष्य से विनम्रतापूर्वक अवगत कराया गया। विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि ऊर्जा प्रबंधन द्वारा भ्रामक जानकारियां प्रस्तुत कर बिजली विभाग को निजीकरण करना सर्वथा अनुचित है क्योंकि पावर कॉरपोरेशन के कार्मिक लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राजस्व में वृद्धि एवं AT & हानियाँ कम करने हेतु प्रयासरत है। विद्युत वितरण कंपनियों के निजीकरण किए जाने से विद्युतकर्मियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा, एवं प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में युवाओं को नियमित रोजगार दिये जाने के अवसर में भारी कमी आएगी तथा किसानों , मध्यम वर्ग तथा निम्न आय वर्ग के व्यापारी , आम जनमानस को सस्ती दरों पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत कठिन होगा। उड़ीसा मॉडल पर पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में रिफॉर्म किए जाने की बात चल रही है, जबकि उड़ीसा मॉडल एक असफल मॉडल रहा है।

यह बात साफ है कि निजीकरण से मंहगी बिजली का भार आम उपभोक्ताओं के जेब पर पड़ेगा, यदि प्रदेश सरकार के उपक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के अंतर्गत नए विद्युत उत्पादन संयंत्र (पावर प्लांट) की स्थापना की जाए तब प्रदेशवासियों को और अधिक सस्ती बिजली दी जा सकती है।










