बेरमो चेंबर के कार्यकारिणी सदस्यो की हुई घोषणा
फुसरो स्थित राजेंद्र स्मृति भवन के सभागार में प्रतिष्ठित व्यवसाई ओम प्रकाश अग्रवाल की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बीते 19 मार्च को बेरमो चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स का सर्वसम्मति से आर उनेश को अध्यक्ष चुना गया था।अध्यक्ष के द्वारा बनाई गई कमिटि का घोषणा किया। जिसमे कार्यकारी अध्यक्ष रवि कुमार सिंह उर्फ पिन्टु सिह, उपाध्यक्ष सुशात कुमार राईका व विशवनाथ प्रसाद सोनी, सचिव राजन साव, कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल, मुख्य सलाहकार दयानन्द बरणवाल, सरक्षक ओमप्रकाश अग्रवाल,विनोद महतो, योगेश तिवारी,सदिनेश सिंह, दिलीप गोयल, प्रेमचन्द्र गोयल, मोहम्मद रईश आलम, छित्तरमल बंसल, रामअवतार कारीवाल, सतोष श्रीवास्तव, मोहम्मद रियाज अंसारी, प्रेम कुमार सोनी, मधुकर प्रसाद साव, सहित सूरज मित्तल, डॉ० सुरेन्द्र कुमार सिंह,अरविन्द कुमार वर्मा, रामचन्द्र प्र० वर्णवाल, मोहम्मद मुनीर अंसारी, अवध बरणवाल, अजन कुमार चटर्जी, सुभाष बरणवाल,अनील सोनी, आनंद कुमार सोनी, अमरनाथ मिश्रा, गुरूपद प्रजापति, मुकेश कुमार गुप्ता, राहुल प्रताप सिंह,सूरज कुमार वर्मा, नितीन कुमार अग्रवाल, चाँद आलम सहित 41 सदस्य बनाये गए है। श्री अग्रवाल ने कहा कि चेंबर के गठन के बाद फसरो बाजार के विकास में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि जल्द से जा एक महीना में एक कार्यालय खुलनी चाहिए। साथ ही साथ कहां कि 100 रूपया दुकानदारों से वार्षिक शुल्क लिया जाएगा। कहा कि आर उनेश के नेतृत्व में बेरमो चैंबर और गतिशील होगा एवं नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। अध्यक्ष आर उनेश ने कहा कि व्यापारियों के हित में काम कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। कहा कि संगठन ही व्यापारियो की शक्ति है। कहा कि ज्यादा से ज्यादा वयापारियो को संगठन से जोड़ने का काम करूंगा। वहीं कार्यकारी रवि सिंह उर्फ पिंटू सिंह ने अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जो महत्वपूर्ण जिम्मेवारी उन्हें सौंपी गई है, वह उसका निर्वहन करते हुए व्यापार की विभिन्न समस्याओं को सक्षम पदाधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखते हुए उनके निराकरण का सकारात्मक प्रयास करेंगे। इस अवसर पर नेमीचंद गोयल, दिलीप गोयल, मिनटू सिंह, दिनेश सिंह, कृष्ण कुमार चांडक, मोहम्मद रियाज अंसारी, मोहमद रईस मिया, भोला सोनी, प्रमोद अग्रवाल, दयानंद बरनवाल, संतोष श्रीवास्तव, छित्तरमल बंसल, इश्तियाक हुसैन, अमर ठाकुर, महेंद्र गिरि, दशरथ राम आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।











