रिपोर्ट : मुकेश कुमार
गरीबों, मजलूमों की हर आवाज को दबाने का काम किसी न किसी रूप में करते हुए आला अधिकारी हो या किसी कम्पनी द्वारा किया जाता रहा है। इसी क्रम में नियोजन की मांग कर रहे कर्मचारियों की आवाज को जोर देने के लिए उनके अधिकार को सही दिशा देने को लेकर आज दिनांक 26 तारीख को तत्कालीन बोकारो विधायक विरिंची नारायण द्वारा आमरण अनशन पर बैठे संविदा कर्मचारियों को नियोजन के लिए काम किया। उन्होंने कहा कि हम झारखंड सरकार से आपकी प्रस्तावना को पारित करने का काम करेंगे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं भी आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलूंगा। उन्होंने तत्कालीन सरकार हेमंत जी को चेतावनी देने काम किया। मौके पर मौजूद संविदा कर्मचारियों के साथ अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे, जहाँ सभी ने हेमंत सरकार के नीतियों को गलत ठहराया और बाकी सभी संविदा कर्मचारियों के कदम से कदम मिलाकर चलने की बात कही।











