श्रीमदभगवदगीता से प्राप्त ज्ञान हमारे जीवन में व्याप्त विभिन्न संदेहों को दूर करता है : डा. श्री प्रकाश मिश्र

श्रीभगवदगीता कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध की शुरुआत से पहले श्री कृष्ण और अर्जुन के बीच होने वाला संवाद है। भगवद गीता हमें हमारी समृद्ध संस्कृति और परंपरा से परिचित कराती है। श्रीमद्भगवत्गीता के श्लोकों का वाचन एवं श्रवण करने से हमें दैनिक दिनचर्या की जिंदगी में विभिन्न समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिल सकती है।भगवदगीता का अध्यययन हमें जीवन के बारे में सच्चाई से परिचित कराता है और अंधविश्वास और झूठी मान्यताओं से मुक्ति पाने में हमारी मदद करता है। श्रीमदभगवदगीता से प्राप्त ज्ञान हमारे जीवन में व्याप्त विभिन्न संदेहों को दूर करता है और हमारे आत्मविश्वास का निर्माण करता है। यह विचार जिला कारागार, रायबरेली के सभागार में मानवीय जीवन के विकास में श्रीमदभगवदगीता एवं स्वामी विवेकानंद का दर्शन विषय पर आयोजित व्याख्यान में मातृभूमि सेवा मिशन धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र के संस्थापक डा. श्रीप्रकाश मिश्र ने बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किये। जिला कारागार परिसर् पहुंचने पर जिला कारागार प्रशासन ने स्वागत एवं अभिनन्दन किया। जिला कारागार के जेलर हिमांशु रौतेला ने कहा जेल प्रशासन मातृभूमि सेवा मिशन की रायबरेली इकाई का आभारी और, जिसके द्वारा कैदियों के लिए यह महत्वपूर्ण व्याख्यान सम्पन्न हो पाया। श्रीमदभगवदगीता जीवन निर्माण का अद्भुत ग्रंथ है।

डा. श्री प्रकाश मिश्र ने कहा भारतीय संस्कृति में श्रीमद्भगवद्गीता का स्थान सर्वोच्च है। भारतीय साधु-संन्यासियों के अन्तरतम में वीणा की झंकार की तरह गीता के श्लोक झंकृत होते हैं। कथा-प्रवचनों से लेकर घर-घर तक जीवन-सुधार परक उपदेश, नीति-नियमों का जो भी ज्ञान दिया जाता है, उसमें गीता का प्रकाश कहीं न कहीं अवश्य पड़ता है। धरती पर शायद ही ऐसा कोई स्थान हो, जो गीता के प्रभाव से मुक्त हो। डा . श्रीप्रकाश मिश्र ने कैदियों एक अवसाद मुक्त एवं अपने जीवन को सकारात्मक रहने के लिए श्रीमदभगवदगीता सहित विभिन्न धर्मग्रंथो को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।मनुष्यों के जीवन में आने वाले प्रत्येक पड़ाव चाहे वह मानसिक हो, शारीरिक हो, सामाजिक हो, व्यापारिक हो, सुख-दुःख हो इत्यादि में श्रीमदभगवद्गीता ही मनुष्यों को शांति प्रदान करती है। स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए डा. श्री प्रकाश ने कैदियों को आगे अपने जीवन में अपराध एवं अन्याय से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। आभार ज्ञापन मातृभूमि सेवा मिशन रायबरेली इकाई के संयोजक प्रदीप पांडे ने किया। कार्यक्रम का संचालन योगाचार्य बृजमोहन ने किया। कार्यक्रम में मातृभूमि सेवा मिशन रायबरेली के कार्यकारी मंडल के एच. बघेल पी. जी. कॉलेज के अध्यक्ष विजय बघेल, समाजसेवी राजन सिंह कछवाह, समाजसेवी महेन्द्र अग्रवाल सहित जिला कारागार के समस्त पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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