18 घंटे निर्बाध बिजली देना का हवाला हो रहा झूठा, अधिकारियों की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी

5 घंटे भी सही से बिजली नहीं उपलब्ध करा रहे हैं त्रिपुला पावर हाउस के अधिकारी व कर्मचारी रायबरेली में उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा मंत्री के आदेशों की जमकर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का हवाला देते हो लेकिन उ

Jun 29, 2025 - 14:06
Updated: 1 year ago
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5 घंटे भी सही से बिजली नहीं उपलब्ध करा रहे हैं त्रिपुला पावर हाउस के अधिकारी व कर्मचारी

रायबरेली में उत्तर प्रदेश सरकार और ऊर्जा मंत्री के आदेशों की जमकर बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री भले ही ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का हवाला देते हो लेकिन उनके अधिकारी और कर्मचारियों की मनमानी उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है और आए दिन इस भीषण गर्मी में बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। क्योंकि 18 घंटे बिजली देने का वादा करने के बाद भी यहां 5 घंटे भी बिजली सही से उपलब्ध नहीं कर पा रहे हैं।पावर हाउस के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ दर्जनों ग्रामीणों के लोगों में रोष व्याप्त है। जानकारी अनुसार बता दे कि बीते एक सप्ताह से त्रिपुला पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले,राही न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्रामसभा, राही छरहरा, सराय मुगला, कसहेटी, मैनुपुर आदि गांवों में बिजली की व्यवस्था पूरी तरह से बदहाल और चरमरा गई है। इन गांव में लगे वर्षों पुरानी बिजली के तार आए दिन टूट कर गिर रहे हैं। जिससे बड़ा हादसा होने की भी आशंका बनी रहती हैं। इन क्षेत्रों में लगातार जर्जर तार टूट जाता है। कहीं तार चिपक जाता है।कहीं लाइन की फाल्ट आ जाती है। कहीं ट्रांसफार्मर से फाल्ट आ जाती है। ऐसी तमाम समस्याएं यहां आती है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को हर बार बिजली बिल का भुगतान करने के बाद भी जूझना पड़ रहा है।त्रिपुला पावर हाउस के एक्सईयन अवर अभियंता, बिजली, क्षेत्रीय लाइनमैन संविदा कर्मचारी जगदीश यादव, राजू यादव, के जो गुर्गे है। वह विभाग के कमाऊ पूत बने हुए हैं, जो लगातार क्षेत्र में घूम-घूम कर सिर्फ ग्रामीणों से फाल्ट को ठीक करने के नाम पर वसूली करते हुए नजर आते है। यहां क्षेत्र के रहने वाले उस्मान, इकरार, नजम, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, अरविंद कुमार मिश्रा, अरविंद कुमार पांडे, राम अवतार, आदि लोगों ने बताया कि यहां बिजली की फाल्ट ठीक करने के लिए पहले हजारों रुपए का चंदा यह कर्मचारी इकट्ठा करवाते हैं। तब जाकर यह लाइनमैन और उनके गुर्गे, संविदा कर्मचारी रामचंदर उर्फ धन्ने यादव, प्रदीप श्रीवास्तवसंविदा कर्मचारी, अकास यादव, अंकित, यहां आकर बिजली की फाल्ट को ठीक करते हैं। यह लोग हर महीने लाखों रुपए की वसूली पार्टी ठीक करने के नाम पर वसूलते हैं। यह सब कार्य बिजली विभाग का है फिर भी ग्रामीणों से अवैध वसूली जिम्मेदारों पर सवालिया निशान खड़े करती है और थोड़ी देर बाद फिर वैसी ही समस्या हो जाती है। जिसकी वजह से हम लोगों को 5 घंटे भी सही से बिजली नहीं मिल पा रही है। जबकि हर महीने लंबा चौड़ा बिल बिजली का भेजने वाले जिम्मेदार वसूली के लिए आ जाते हैं। मीटर पर बिल निकालने को लेकर अगर कोई शिकायत की जाती है, तो उस समस्या का समय से निस्तारण भी नहीं होता है। इस संबंध में जब एक्सईएन त्रिपुला से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि, मामलों की शिकायत प्राप्त हुई है।समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। बस यही हवाला देकर मामले को रफा दफा कर ठंढे बस्ते में छोड़ दिया जाता है। जिसकी वजह से ग्रामीणों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इस समस्या का समाधान ना हुआ तो इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ पावर हाउस में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और कार्रवाई की मांग की जाएगी।

नए खंभे तो लगा दिए गए लेकिन नहीं डाले गए तार

इन दर्जनों गांवों में विभाग के अधिकारियों ने भ्रष्ट ठेकेदारों के माध्यम से सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतरने की कोशिश की लेकिन उसमें भी असफल दिखाई दे रहे हैं क्योंकि 1 वर्ष से बिजली के खंभे नए लगा दिए गए लेकिन अभी तक इन खंभों में बिजली के तार नहीं डाले गए हैं। जिससे आए दिन जर्जर तार टूट कर गिर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर इन खंभो में नए तार लग जाए तो काफी हद तक बिजली की समस्याओं का समाधान हो सकता है। अभी भी ऐसे कई कटिया धारक है, जो रात भर बिजली का फूल इस्तेमाल करते हैं और सुबह होते ही कटिया उतार लेते हैं। ऐसे लोगों पर भी भूखा अनजान बन बैठा है। अगर सरकार की नई योजना के तहत इन नए खंम्बो में बिजली के तार लग जाए तो कहीं ना कहीं कटिया लगाने वालों से निजात मिल सकती है।

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