फुसरो : आज रे करम गोसाई घरे दुवारे रे….’ कायल रे करम गोसाई कास नदी पारे….

बेरमो क्षेत्र के गांवों और शहरों में करमा पर्व की तैयारी बहनों द्वारा की जा रही है। महिलाओं व युवतियां अपने- अपने भाईयों के दीर्घायु होने के लिए करमा पर्व करेंगी। आज बहनें हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को करेंगी। इसके लिए महिलाओं व युवतियों द्वारा उपवास रखकर जावा डाली को सजाकर अखरा में जावा डाली को रख कर नाच गाकर जगायेंगी। वहीं बहनें करमा गीत ‘ देहू-देहू करम गोसाई आशीष हो, हमर भईया जीये लाखों बरिस हो….’ ‘करमा परबे भईया आनवे नियान रे जीतिया परवे करहीये विदाई…’ आदि गीत गाकर जावा को जगायेंगी। डाली की पूजा कर और कुछ गोत्र की कन्याएं खेतों में लगे धान के पौधे अपने आंगन में स्थापित कर नये परिधान पहन कर पूजा करेंगी और करम गोसाईं से अपने भाईयों की लंबी उम्र की कामना करेंगी। रविवार को बहनें करम डाली और जावा को निकट के नदी और तालाबों में ‘आज रे करम गोसाई घरे दुवारे रे….’ कायल रे करम गोसाई कास नदी पारे…. गीत गाकर विसर्जन करेंगी। ज्ञात हो कि करमा पर्व की डाली में जावा सात, नो एवं ग्यारह दिन के उठाते है और सुबह, दोपहर व रात में नाच गाकर जगाते है।

WhatsApp Image 2024 09 13 at 5.19.05 PM

ढोरी बस्ती सोतारडीह, रेहवाघाट, बड़कीटांड़, कदमाडीह, बालूबैंकर, सिंगारबेड़ा, घुटियाटांड़, अंगवाली, चलकरी, पिछरी आदि स्थानों में धुमधाम से मनाया जा रहा है। रेहवाघाट में करमेती सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, मधु देवी, बैबी देवी, गुड़ीया देवी, श्रृष्टि कुमारी, पिहु कुमारी, चाँदनी कुमारी, सविता देवी, ममता देवी, नीतू कुमारी, रूही कुमारी, बसंती देवी, रानी कुमारी, डोली कुमारी, भुमिका कुमारी, पार्वती कुमारी, खुशबू देवी, सरस्वती देवी, देवासी देवी, काजल, मुनकी, प्रतीज्ञा आदि लोग मौजूद थे।

Other Latest News

Leave a Comment