राजघाट चौकी की पुलिस फर्जी मुकदमा दर्जकर महिला के घर दे रही बार-बार दबिश
रायबरेली : पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह की कुशल और निष्पक्ष कार्यशैली पर कोतवाली नगर के राजघाट चौकी की पुलिस बट्टा लग रही है। यहां दो भाइयों के बीच हुई मारपीट के मामले में बचाने दौड़े पड़ोसियों को पुलिस ने रंजिश मानते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं। गुरुवार को कोतवाली नगर क्षेत्र के दरीबा तिराहे के पास की रहने वाली पीड़ित महिला नीरज सोनकर ने बताया कि उसके बगल में दो भाइयों के बीच मारपीट हो रही थी। जिसमें उनका बेटा शिवा सोनकर उम्र 20 वर्ष पुत्र पन्नालाल शिवम उर्फ 20 वर्ष पुत्र पन्नालाल निवासी ग्राम उपरोक्त बचाने दौड़े तो राजघाट चौकी पुलिस ने उनके दोनों बेटों पर ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया जो सरासर अन्याय है। महिला ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर की है और जांच कर फर्जी तरीके से दर्ज गए मुकदमे में डाले गए नाम को हटाने की मांग की है। महिला ने बताया कि विपक्षी विकास राजघाट पुलिस चहेता है और उसका मुखबिर भी है, जो फर्जी सूचना देकर पुलिस से लोगों का उत्पीड़न करवाता है। गौरतलब है कि 13 जुलाई 2025 को संतराम पुत्र रामस्वरूप, विकास और संग्राम पुत्रगण रामस्वरूप निवासी ग्राम दरीबा तिराहा के बीच मारपीट हो रही थी। जिसमें कोई बड़ी घटना ना हो इसको लेकर उनके दोनों बेटे बचाने पहुंचे तो उनपर ही मारपीट का आरोप लगाते हुए। अपने भाई सहित पड़ोसियों पर भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। पीड़िता ने बताया कि वह और उसके विपक्षीगण,आम की बाग किराए पर लेकर अपना जीवन यापन करते हैं। जिसको लेकर विपक्षी से ईर्ष्या द्वेष तथा पारिवारिक रंजिश रखते हैं।
विपक्षीगण अवैध तरीके से अपने घर में खूंखार जर्मन शेफर्ड कुत्ता पाल रखा है और हर विवाद में अपने कुत्ते से कटवाता है। इस घटना के पूर्व भी पीड़ित महिला तथा उसके पुत्रों को इन कुत्तों से विपक्षी कटवा चुका है। पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी पालतू गाय एक दिन विपक्षी विकास के खेत में चली गई थी। उसके पश्चात विकास ने उसे गालियां देते हुए मारपीट की अपने खूंखार कुत्ते से कटवा दिया और मारा पीटा। जिसमें संतराम उम्र 48 वर्ष को गंभीर चोटें आई थी। क्रॉस मुकदमा दर्ज करवाने के लिए विपक्षी स्वयं को चोट लगा ली और राजघाट चौकी की पुलिस की मदद से एंबुलेंस से बुलवाकर जिला अस्पताल में भर्ती होने का नाटक किया। महिला का आरोप है कि विपक्षी मादक पदार्थों की बिक्री तथा तस्करी करता है। जिसमे राजघाट चौकी की पुलिस से साथ गांठ करके अपना कारोबार चलता है। जिसमें पुलिस पूरा सहयोग देती है। इसके पूर्व भी विपक्षी विकास के खिलाफ कई बार शिकायती पत्र देने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और जबरन दबाव, बनाकर समझौता करा दिया गया इसके बावजूद पीड़ित को झूठे मुकदमे में फंसाने की फिराक में है। इस कारण पीड़ित हैरान व परेशान है। न्याय के लिए पीड़ित ने एसपी ऑफिस पहुंचकर मामले की शिकायत की है और जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पूरी घटना संतराम और विकास संग्राम उपरोक्त के मध्य कार्य की गई थी, इसमें संतराम द्वारा शिकायती पत्र 13 जुलाई को पुलिस से की गई। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं विपक्षी विकास द्वारा संग्राम की ओर से मनगढ़ंत प्राथमिक सूचना रिपोर्ट शिवा और शिवम उपरोक्त के नाम रंजिसन दर्ज करवा दिया गया, राजघाट चौकी की पुलिस पीड़ित महिला के बच्चों को गिरफ्तार करने के लिए अनावश्यक घर पहुंचकर दबाव डाल रही है और घर में जाकर गाली गलौज तथा अभद्रता कर रही है। पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक का दरवाजा खटखटाया है और मामले में जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।