कानपुर नगर प्राथमिक विद्यालय के स्कूल के छात्रों को शिक्षा देने के बजाय बच्चों से कराई जा रही बाल मजदूरी, सिर्फ इसीलिए कि ये ग़रीब समाज से आते है। सरकारी तनख्वाह पर जीवन भर खुशहाल जीवन यापन करने वाले अध्यापक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में न भर्ती करवाकर पूरी सुविधाओं के साथ किसी प्राइवेट स्कूल में दाखिला करवाते हैं और स्कूल अध्यापक के डांटने पर पुलिस कार्यवाही तक कर देते हैं।
फिर अब इन ग़रीब समाज के बच्चों के लिए सरकारी सुविधाओं से वंचित कर उनसे बाल मजदूरी करवाई जाती है। फिर जहां प्राइवेट बच्चों को कक्षा में व्यवस्था की जाती है बारिश के मौसम में बचाव हेतु, वही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों से बारिश में स्कूल अध्यापक द्वारा मिलवाया गया मौरंग सीमेंट का मसाला। फिर डिजिटल भारत में शिक्षा का बढ़ता स्तर और सच्चाई समाज के सामने, बच्चों के हाथों में होनी चाहिए थी किताबें लेकिन प्रधानाचार्य ने थमाया फावड़ा और तसला वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल।
लेकिन क्या शिक्षा जगत में इस पर कार्यवाही होगी,फिर पूरी घटना थाना सचेण्ड़ी क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय द्वितीय की है, अब ऐसे मे देखना होगा कि क्या होंगी विद्यालय पर कार्यवाही या चलेगा सेटिंग गेटिंग का खेल।