राममंदिर आंदोलन में कारसेवकों के पक्ष में खड़े हुए थे पूर्व सांसद राघवेंद्र सिंह

रिपोर्ट :- शशांक सिंह राठौर

रायबरेली : पूर्व सांसद एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह का राम मंदिर आंदोलन से गहरा नाता रहा है। विपरीत हालात में वह संगठन के साथ खड़े हुए। यहीं नहीं राममंदिर आंदोलन में कार सेवकों के पक्ष में मजबूती के साथ पैरवी भी की। इसी का नतीजा रहा कि भाजपा ने उन पर विश्वास जताया और हरदोई के शाहाबाद सीट से उम्मीदवार बनाया। संगठन के फैसले को सही साबित करते हुए जीत हासिल की। एक बार फिर उन्होंने रायबरेली में मजबूती के साथ दावेदारी प्रस्तुत की है। उनका कहना है, कि रायबरेली लोकसभा क्षेत्र वीवीआईपी होने के बावजूद काफी पिछड़ा है। भाजपा सरकार बनने के बाद ही यहां पर कुछ काम हुए है। स्थानीय सांसद द्वारा मजबूती से पैरवी नहीं करने के कारण यह क्षेत्र वर्षों से उपेक्षित है। इस बार यहां पर कमल जरूर खिलेगा। इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ा जाएगा।

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कोर्ट में पार्टी के पक्ष में मजबूती से की पैरवी
पूर्व सांसद एवं उच्च न्यायालय वरिष्ठ अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने 1990 में राम जन्मभूमि आंदोलन के समय गिरफ्तार कारसेवकों की रिहायी के लिए उच्च न्यायालय लखनऊ में पैरवी की थी। यहां पर याचिकाएं दाखिल कर सैकड़ों कारसेवकों को रिहा कराया था। इतना ही नहीं 2020 में पार्टी के चुने गए राज्यसभा सांसदों के विरूद्ध दायर इलेक्शन पिटीसन में पार्टी के निर्देश पर सांसदों की तरफ से प्रारंभिक वाद खारिज कराया। अयोध्या में विवादित ढांचे को गिराने के आरोप में सत्र न्यायालय द्वारा दोषमुक्त किए गए पार्टी एवं संघ के पदाधिकारियों के विरूद्ध दायर याचिका को उच्च न्यायालय में चंपतराय की तरफ से उपस्थित होकर खारिज कराया।

जिले में मिल रहा भरपूर समर्थन
पूर्व सांसद को जिले में भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशी का जीतना तय है। यहां पर भी लोग अब कांग्रेस के पंजे से मुक्त होना चाहते हैं। बदलाव की बयार चल रही है। कमल खिलने से कोई नहीं रोक सकता है।

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