Kartik Purnima 2025 : राही बाजार में कार्तिक पूर्णिमा मेले का भव्य आयोजन: लाखों श्रद्धालुओं की भीड़, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्राचीन परंपरा का उत्सव

Kartik Purnima 2025 : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर प्राचीन मान्यताओं के अनुरूप राही बाजार क्षेत्र में विशाल मेले का आयोजन किया गया। गंगा स्नान के बाद शुरू हुए इस मेले में हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, जिसमें थाना मिल एरिया की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, व्यापार और सामाजिक एकता का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 5 नवंबर 2025 को मनाया गया, लेकिन रायबरेली के राही बाजार में इसकी परंपरा के अनुसार मेले का मुख्य आयोजन दूसरे दिन, यानी 6 नवंबर गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे से शुरू हो गया। सुल्तानपुर रोड हाईवे पर स्थित इस मेला स्थल पर गंगा स्नान करने के बाद बैलगाड़ियों से सवार होकर दूर-दराज से आए श्रद्धालु पहुंचे। प्राचीन काल से चली आ रही इस परंपरा के तहत मेला कई वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है, जिसमें रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी समावेश होता है। स्थानीय ग्रामवासी और समाजसेवी प्रेम मिश्रा, मदन चंद्र सहित अन्य लोगों ने बताया कि यह मेला क्षेत्रीय एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बन चुका है।

मेले का आकर्षण इसकी विविधता में छिपा है। यहां बच्चों के रंग-बिरंगे खिलौनों से लेकर महिलाओं के साज-सज्जा के सामान, फर्नीचर, बर्तन और खाने-पीने की वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं। श्रद्धालु न केवल धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आते हैं, बल्कि अपनी दैनिक जरूरतों की खरीदारी भी करते हैं। बैलगाड़ियों पर सवार होकर आने वाले ग्रामीणों के लिए यह मेला एक उत्सव की तरह है, जहां वे न केवल सामान खरीदते हैं, बल्कि स्थानीय लोकगीतों और नृत्यों का आनंद भी लेते हैं। अनुमान के मुताबिक, इस बार करीब एक लाख से अधिक लोगों की भीड़ मेले में उमड़ी है, जो कार्तिक पूर्णिमा की धार्मिक महत्ता को और मजबूत बनाती है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है। थाना मिल एरिया के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है, ताकि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। यातायात को सुचारू रखने के लिए हाईवे पर डायवर्शन पॉइंट्स स्थापित किए गए हैं, जबकि पार्किंग व्यवस्था के लिए नजदीकी खाली स्थानों का उपयोग किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी तैनात किया गया है, जो भीड़ में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। समाजसेवी प्रेम मिश्रा ने बताया, “यह मेला हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। हम सभी मिलकर इसे सुरक्षित और उत्साही बनाने का प्रयास कर रहे हैं।” इसी प्रकार मदन चंद्र ने कहा, “रात्रि के कार्यक्रमों में सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि परिवारों के साथ आए लोग निश्चिंत रहें।”

रायबरेली जिले में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ऐसे मेले जिले की धार्मिक विविधता को दर्शाते हैं। पास के डलमऊ क्षेत्र में भी 4-5 नवंबर को कार्तिक मेला आयोजित हुआ था, जहां 1370 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि राही बाजार का मेला स्थानीय स्तर पर अधिक प्राचीन और ग्रामीण स्वरूप वाला है, लेकिन इसकी लोकप्रियता कम नहीं है। जिला प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु मेला नियमों का पालन करें और भीड़ में सावधानी बरतें।

यह मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है। दुकानदारों के लिए यह व्यापार का सुनहरा अवसर होता है, जबकि कलाकारों और कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका मिलता है। कार्तिक पूर्णिमा की मान्यता के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, जो इस मेले को और भी पवित्र बनाता है। आने वाले वर्षों में इस परंपरा को और समृद्ध बनाने के लिए स्थानीय निवासियों ने सुझाव दिया है कि पर्यटन विभाग द्वारा इसे प्रचारित किया जाए, ताकि बाहरी पर्यटक भी इस सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा बन सकें।

मेले का समापन रात्रि के कार्यक्रमों के साथ होगा, जहां भजन-कीर्तन और दीपदान का विशेष आयोजन होगा। प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं, और श्रद्धालु बिना किसी चिंता के उत्सव का आनंद लें। यह आयोजन रायबरेली की सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बन गया है।

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