Radha Krishna Temple : शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के छोटी बाजार में स्थित प्राचीन राधा कृष्ण मंदिर परिसर में आज दोपहर करीब 1:00 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। यह प्रेस वार्ता श्री देवी संपत मंडल आश्रम, रायबरेली के बैनर तले 86वें वार्षिकोत्सव एवं संत सम्मेलन कार्यक्रम के भावी आयोजन को लेकर आयोजित की गई थी। मंदिर के पुजारियों और आश्रम के पदाधिकारियों ने पत्रकारों को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी प्रदान की, जिसमें धार्मिक उत्साह और सामाजिक एकता का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।
प्रेस वार्ता की शुरुआत मंदिर के मुख्य पुजारी ने की, जिन्होंने बताया कि यह वार्षिकोत्सव परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पिछले 86 वा वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है। श्री देवी संपत मंडल आश्रम, जो हरिद्वार से जुड़े इस आध्यात्मिक केंद्र का रायबरेली इकाई है, इस वर्ष भी भव्य स्तर पर कार्यक्रम प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य भक्ति, ज्ञान और संतों के माध्यम से समाज में नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है। पुजारी ने कहा, “यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक यात्रा का माध्यम भी बनेगा।”

कार्यक्रम का विस्तृत विवरण
प्रेस वार्ता में दी गई जानकारी के अनुसार, 86वां वार्षिकोत्सव एवं संत सम्मेलन का आयोजन 11 नवंबर 2025 से 14 नवंबर 2025 की रखी गई है, जो आश्रम की परंपरा के अनुरूप है।) इस दौरान मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, प्रवचन सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य आकर्षण संत सम्मेलन होगा, जिसमें देश-विदेश से आए संतों के बीच आध्यात्मिक चर्चाएं होंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता हरिद्वार आश्रम से पधारे संत श्री 108 स्वामी रामेश्वर आनंद महाराज करेंगे। स्वामी जी, जो आश्रम के वरिष्ठ संत हैं, अपने प्रवचनों के माध्यम से भगवान राधा-कृष्ण की लीला, भक्ति मार्ग और आधुनिक जीवन में नैतिकता के महत्व पर प्रकाश डालेंगे। प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि लगभग एक दर्जन संतों का रायबरेली में आगमन होगा। इनमें हरिद्वार, ऋषिकेश, वृंदावन और अन्य तीर्थ स्थलों से प्रतिष्ठित संत शामिल होंगे, जो विभिन्न संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करेंगे। संत सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख संतों के नामों में अभी गोपनीयता बरती गई है, लेकिन आश्रम ने संकेत दिया कि इनमें कुछ प्रसिद्ध भजनोपासक और ज्ञान मार्ग के प्रचारक शामिल होंगे।
अपेक्षित भागीदारी और विशेष तैयारियां
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी की उम्मीद है। रायबरेली जिले के अलावा, आसपास के जिलों जैसे लखनऊ, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और अमेठी से भी भक्तों का आगमन होगा। मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें भंडारा (महाप्रसाद वितरण), स्वास्थ्य शिविर, बच्चों के लिए भक्ति गीत प्रतियोगिता और महिलाओं के लिए सांस्कृतिक सत्र शामिल हैं। पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से, आयोजन में प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाया जाएगा और पौधरोपण का विशेष कार्यक्रम भी रखा गया है।
प्रेस वार्ता में आश्रम के सचिव ने बताया कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता के पूर्ण इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया गया है। कार्यक्रम के दौरान मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और दीपों से सजाया जाएगा, जो राधा-कृष्ण की दिव्य लीला का प्रतीक होगा।
प्रेस वार्ता का माहौल और प्रतिक्रियाएं
प्रेस वार्ता में स्थानीय हिंदी दैनिकों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और ऑनलाइन पोर्टलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। संतों और पुजारियों ने पत्रकारों के सवालों का विस्तार से उत्तर दिया, जिसमें कार्यक्रम की थीम “भक्ति से एकता” पर विशेष जोर दिया गया। एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा, “यह आयोजन रायबरेली की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत करता है और युवाओं को धार्मिक मूल्यों से जोड़ता है।” प्रेस वार्ता का समापन भगवान राधा-कृष्ण के जयकारों और सामूहिक भजन से हुआ।
श्री देवी संपत मंडल आश्रम के इस आयोजन से न केवल धार्मिक उत्साह का संचार होगा, बल्कि सामाजिक सद्भावना को भी बढ़ावा मिलेगा। सभी भक्तों से अपील की गई है कि वे 11 नवंबर से कार्यक्रम में पधारें और आशीर्वाद प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए मंदिर कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।










