Strict Police Action Against Loudspeakers : जनपद जौनपुर में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। माननीय उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों और उत्तर प्रदेश शासन की सख्त अपेक्षाओं के अनुपालन में धार्मिक स्थलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगे अवैध एवं मानक से अधिक शोर करने वाले लाउडस्पीकरों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के सख्त निर्देशों पर समस्त थाना क्षेत्रों में यह ड्राइव शुरू हुई, जिसमें पहले ही दिन ध्वनि विस्तारक यंत्रों की आवाज कम कराई गई और कम से कम एक लाउडस्पीकर को पूरी तरह उतरवाया गया। यह अभियान तीन दिवसीय है और आगे भी जारी रहेगा, ताकि त्योहारों व धार्मिक आयोजनों के दौरान शिकायतें न आएं।
अभियान का उद्देश्य: ध्वनि प्रदूषण पर पूर्ण रोक

उत्तर प्रदेश में ध्वनि प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है, खासकर धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों से। उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए, अर्थात् आवाज परिसर तक ही सीमित रहे और बाहर प्रदूषण न फैले। राज्य सरकार ने भी इस दिशा में कड़े कदम उठाए हैं, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश शामिल हैं। विगत कई वर्षों से इस मुद्दे पर अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन हाल के त्योहारों—जैसे दीवाली, ईद और अन्य धार्मिक पर्वों—के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों में मुख्य रूप से मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर रात्रि के समय या अत्यधिक वॉल्यूम में लाउडस्पीकर बजाने का उल्लेख था।
पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया, “ध्वनि प्रदूषण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों के लिए हानिकारक है। हमारा उद्देश्य सभी धर्मों के अनुयायियों को सहयोगपूर्ण वातावरण प्रदान करना है, जहां पूजा-पाठ शांतिपूर्ण तरीके से हो सके।” उनके निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए। अभियान के तहत पुलिस टीमें धार्मिक स्थलों पर पहुंचीं, जहां इमामों, पुजारियों और अन्य जिम्मेदारों को समझाया गया। अधिकांश मामलों में स्वैच्छिक सहयोग मिला, लेकिन जहां आवश्यकता पड़ी, वहां लाउडस्पीकर उतरवाए गए।
पहले दिन की कार्रवाई: तत्काल प्रभाव
अभियान के प्रथम दिन, जो शनिवार को शुरू हुआ, जिले के प्रमुख थाना क्षेत्रों—जैसे सिटी कोतवाली, बदलापुर, मछलीशहर और जफराबाद—में व्यापक चेकिंग की गई। पुलिस ने कुल 50 से अधिक धार्मिक स्थलों का दौरा किया। इनमें से कई जगहों पर लाउडस्पीकरों की आवाज तुरंत कम कराई गई, जबकि एक प्रमुख मस्जिद से अवैध रूप से लगा अतिरिक्त लाउडस्पीकर पूरी तरह हटवाया गया। यह कार्रवाई रात्रि के समय की गई, जब शिकायतें अधिक होती हैं।
एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पिछले त्योहारों में रात भर तेज आवाज से नींद प्रभावित हो रही थी। आज पुलिस की मौजूदगी से राहत मिली है। उम्मीद है कि यह अभियान लंबे समय तक चलेगा।” इसी तरह, एक मंदिर के पुजारी ने कहा, “हम न्यायालय के आदेशों का पालन करने को तैयार हैं। पुलिस ने हमें सहयोग दिया और तकनीकी सहायता भी सुझाई, जैसे वॉल्यूम कंट्रोलर लगाना।”
व्यापक अभियान का हिस्सा: पूरे यूपी में समन्वित प्रयास
यह अभियान केवल जौनपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी समानांतर चल रहा है। लखनऊ, कानपुर, बरेली और फिरोजाबाद जैसे जिलों में भी पुलिस ने सैकड़ों लाउडस्पीकर हटाए हैं। उदाहरण के लिए, लखनऊ के वजीरगंज इलाके में पुलिस ने मस्जिदों और मंदिरों से कई यंत्र उतरवाए, जबकि कानपुर में 205 धार्मिक स्थलों से 95 लाउडस्पीकर हटाए गए। जौनपुर में यह ड्राइव मुख्यालय के तीन दिवसीय निर्देशों के अनुरूप है, जिसमें प्रत्येक थाने को दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी धर्म-विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर है। अब तक कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ है, क्योंकि अधिकांश धार्मिक नेताओं ने सहयोग का आश्वासन दिया है। हालांकि, यदि उल्लंघन जारी रहा, तो जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आगे की योजना: निरंतर निगरानी और जागरूकता
अभियान के अगले दो दिनों में और सघन चेकिंग होगी, जिसमें रात्रि गश्त को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, पुलिस स्थानीय स्तर पर जागरूकता सभाएं आयोजित करेगी, जहां धार्मिक गुरुओं को मानकों की जानकारी दी जाएगी। एसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा, “यह केवल हटाने की कार्रवाई नहीं, बल्कि सकारात्मक बदलाव का प्रयास है। हमारा लक्ष्य शांतिपूर्ण जौनपुर बनाना है।”
नागरिकों से अपील की गई है कि वे ऐसी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 112 या स्थानीय थाने पर संपर्क करें। यह अभियान न केवल ध्वनि प्रदूषण कम करेगा, बल्कि सामुदायिक सद्भाव को भी मजबूत करेगा। जौनपुर पुलिस का यह कदम सराहनीय है, जो कानून के राज को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।










