Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में दबंगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले के डीह थाना क्षेत्र के मऊ गांव की एक विधवा महिला के खेत में लगी लाखों रुपये कीमत की धान की फसल को विपक्षी गुट के लोगों ने चुपचाप काटकर चुरा लिया। पीड़िता ने पहले थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर उसने मंगलवार (11 नवंबर 2025) को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। विधवा महिला ने एसपी को शिकायती पत्र सौंपते हुए सपा (समाजवादी पार्टी) से भी हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
घटना का पूरा विवरण

मऊ गांव की इस विधवा महिला का नाम गोपनीय रखा गया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार, वह पति की मृत्यु के बाद अकेली ही परिवार का पालन-पोषण कर रही है। उसके पास करीब 2 बीघे जमीन है, जिसमें इस खरीफ सीजन में लगाई गई धान की फसल पर उसकी पूरी निर्वाह चल रही थी। फसल की अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है, जो महिला के लिए वर्ष भर का सहारा थी। पीड़िता ने बताया कि विपक्षी गुट के दबंगों ने रविवार रात (9-10 नवंबर) के आसपास उसके खेत में घुसकर फसल को काट लिया और ट्रैक्टरों पर लादकर ले गए। जब महिला ने विरोध करने की कोशिश की, तो दबंगों ने उसे धमकियां देकर खदेड़ दिया।
पीड़िता ने सोमवार सुबह ही डीह थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन थाने की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न तो आरोपी दबंगों की गिरफ्तारी हुई, न ही चुराई गई फसल की बरामदगी। निराश होकर विधवा महिला ने मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे एसपी कार्यालय पहुंच गई। वहां एसपी डॉ. यशवीर सिंह के समक्ष रोते हुए अपनी व्यथा बयां की। शिकायती पत्र में महिला ने लिखा, “मैं एक विधवा हूं, मेरे पास कोई सहारा नहीं है। मेरी फसल चुराने वाले दबंगों ने न केवल मेरी मेहनत बर्बाद की, बल्कि मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। कृपया न्याय करें, वरना हम बेघर हो जाएंगे।”
थाने की लापरवाही पर सवाल
इस मामले ने स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डीह थाना क्षेत्र में पहले भी जमीन विवाद और फसल चोरी के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अधिकांश में पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों का बोलबाला इतना है कि विधवा जैसी कमजोर महिलाओं का कोई सुनने वाला नहीं। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यहां दबंगों के आगे पुलिस भी सिर झुका लेती है। विधवा बहन की फसल चुराना शर्मनाक है, लेकिन थाने की चुप्पी और भी दुखद है।”
एसपी कार्यालय की प्रतिक्रिया
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायती पत्र मिलते ही एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने डीह थाने के प्रभारी को तलब किया और 24 घंटे के अंदर आरोपी दबंगों की गिरफ्तारी व चुराई फसल की बरामदगी के निर्देश दिए हैं। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने कहा, “हम किसी भी निर्दोष की शिकायत को नजरअंदाज नहीं करेंगे। विधवा महिला की पीड़ा को समझते हुए तत्काल कार्रवाई की जा रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही, महिला को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है।
सपा से हस्तक्षेप की मांग
पीड़िता ने एसपी को पत्र के साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) के स्थानीय नेताओं से भी संपर्क किया है। उसका कहना है कि विपक्षी गुट में सपा के कुछ समर्थक भी शामिल हैं, इसलिए पार्टी स्तर पर हस्तक्षेप हो तो न्याय मिल सकता है। सपा के जिला प्रवक्ता ने कहा, “हम मामले की पूरी जानकारी लेंगे और पीड़िता के पक्ष में खड़े होंगे। दबंगों का यह कृत्य असहनीय है।”
यह घटना रायबरेली के ग्रामीण इलाकों में व्याप्त दबंगई की एक कड़ी है। जिले में पिछले कुछ महीनों में जमीन विवाद से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें महिलाओं पर अत्याचार के आरोप लगे हैं। प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं न हों। पीड़िता के न्याय की लड़ाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।










