Agra : आगरा के लोअर खंड सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज कुमार की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। सरकार की मंशा और योजनाओं से पूरी तरह बेपरवाह दिख रहे नीरज कुमार न केवल सिंचाई बंधु बैठकों से लगातार नदारद हैं, बल्कि नहरों की सफाई, विकास कार्यों और अतिक्रमण हटाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदोरिया के निरीक्षण में उनकी यह लापरवाही खुलकर सामने आई, जिसके बाद उन्होंने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को तत्काल कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है।
सिंचाई बंधु बैठकों में सिर्फ एक बार शामिल हुए अधिशासी अभियंता

विगत छह महीनों में आयोजित की गई सिंचाई बंधु बैठकों में अधिशासी अभियंता नीरज कुमार महज एक बार ही शामिल हुए हैं। ये बैठकें किसानों, स्थानीय प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा सिंचाई संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। लेकिन नीरज कुमार की अनुपस्थिति ने इन बैठकों की उपयोगिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज (12 नवंबर) को आयोजित सिंचाई बंधु बैठक में भी अधिशासी अभियंता नीरज कुमार नहीं पहुंचे, जिसके कारण बैठक को स्थगित करना पड़ा। इससे किसानों और स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। बैठक में नहरों की सफाई, पानी की उपलब्धता और विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी, लेकिन अधिकारी की गैरमौजूदगी ने सभी प्रयासों पर पानी फेर दिया।
नहर सफाई और विकास कार्यों में घोर लापरवाही
अधिशासी अभियंता नीरज कुमार नहरों की साफ-सफाई और विकास कार्यों को लेकर भी पूरी तरह उदासीन हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदोरिया ने हाल ही में लोअर खंड की नहरों का निरीक्षण किया, जिसमें उनकी लापरवाही साफ तौर पर दिखाई दी। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नहर की सफाई तो कराई गई, लेकिन सफाई के बाद निकली सिल्ट (कीचड़) को नहर पटरी पर ही फेंक दिया गया। इससे नहर पटरी पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है और किसानों को सिंचाई में भारी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत अध्यक्ष से सिंचाई विभाग के अधिकारियों की शिकायत करते हुए कहा, “सिंचाई विभाग के अधिकारी कभी यहां नहीं आते। नहरों की हालत बदतर है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता।” लोगों ने बताया कि नहर पटरी पर अतिक्रमण भी नहीं हटाया जा रहा है, जिससे नहरों का रखरखाव और विस्तार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, नाली और खड़ंजा निर्माण कार्यों में भी घोर लापरवाही बरती जा रही है। कई जगहों पर निर्माण कार्य अधर में लटके हुए हैं, और गुणवत्ता का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा।
जिला पंचायत अध्यक्ष ने मुख्य अभियंता को लिखा पत्र
अधिशासी अभियंता नीरज कुमार की इस लगातार लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से क्षुब्ध होकर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदोरिया ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने नीरज कुमार की अनुपस्थिति, नहर सफाई में लापरवाही, सिल्ट प्रबंधन की विफलता, अतिक्रमण न हटाने और अन्य विकास कार्यों में अनदेखी के मुद्दों को विस्तार से उजागर किया है।
डॉ. भदोरिया ने मांग की है कि अधिशासी अभियंता के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए, ताकि विभाग की कार्यप्रणाली सुधरे और किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा, “सरकार की मंशा सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की है, लेकिन ऐसे अधिकारी इसे कमजोर कर रहे हैं। यह किसानों के साथ अन्याय है।”
किसानों में रोष, विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल
नीरज कुमार की लापरवाही से प्रभावित किसानों ने कहा कि नहरों में पानी नहीं पहुंच रहा, फसलें सूख रही हैं, लेकिन अधिकारी कुर्सी पर बैठकर सिर्फ फाइलें घुमाते हैं। स्थानीय ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
सिंचाई विभाग के सूत्रों के अनुसार, मुख्य अभियंता ने पत्र प्राप्त कर लिया है और जल्द ही जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। यदि कार्यवाही नहीं हुई तो यह मामला और तूल पकड़ सकता है। आगरा के लोअर खंड में सिंचाई व्यवस्था की यह बदहाली सरकार की योजनाओं पर भी सवाल खड़े कर रही है।










