Raebareli : रायबरेली जिले के सलोन कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रानी का पुरवा गांव के निवासी सरमिन्दर पटेल (पुत्र मगरे) ने स्थानीय भारत पेट्रोल पंप (पिरौल टंकी) पर डीजल कम भरने का गंभीर आरोप लगाते हुए पंप मैनेजर और कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का केस बनाया है। पीड़ित युवक ने बताया कि खेत की जुताई के लिए ट्रैक्टर में डीजल भरवाने गया था, लेकिन पंप पर 510 रुपये का डीजल भरवाने के बावजूद नापने पर मात्र एक लीटर डीजल ही मिला। इस मामले ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है, जबकि पंप मैनेजर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पीड़ित पर ही उल्टा इल्जाम लगाया है।
घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए सरमिन्दर पटेल ने बताया कि वह अपने ट्रैक्टर को लेकर खेत की जुताई के लिए डीजल भरवाने भारत पेट्रोल पंप (पिरौल टंकी) पर पहुंचे। यहां उन्होंने पंप कर्मचारियों से 510 रुपये का डीजल ट्रैक्टर की टंकी में भरवाया। डीजल भरवाने के तुरंत बाद जब उन्होंने डीजल की मात्रा को नापने के लिए जांच की, तो चौंकाने वाली बात सामने आई – पूरे 510 रुपये के डीजल की जगह ट्रैक्टर की टंकी में सिर्फ एक लीटर डीजल ही मौजूद था। सरमिन्दर ने कहा, “मैंने 510 रुपये दिए थे, जो लगभग 5-6 लीटर डीजल के बराबर होता है, लेकिन नापने पर सिर्फ एक लीटर मिला। यह साफ-साफ धोखाधड़ी है।”

पीड़ित ने आगे बताया कि डीजल भरवाने के बाद वह ट्रैक्टर को वहीं पंप परिसर में खड़ा करके मैनेजर से शिकायत करने पहुंचे। शिकायत सुनते ही पंप मैनेजर ने नाराजगी जताई और पीड़ित के साथ अभद्रता की। मैनेजर का कहना था, “मैंने पूरा डीजल डाला था, तुमने ही कहीं ले जाकर बेच दिया होगा।” सरमिन्दर ने इसका खंडन करते हुए कहा कि डीजल भरवाने के बाद वह ट्रैक्टर को पंप से कहीं नहीं ले गए थे, बल्कि वहीं खड़ा करके नाप-जोख की थी। फिर भी मैनेजर और कर्मचारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हुए और उल्टे पीड़ित को ही दोषी ठहराने लगे।
यह घटना उस समय की है जब डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और किसान पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं। सरमिन्दर जैसे छोटे किसान खेत की जुताई के लिए डीजल पर निर्भर रहते हैं, और ऐसी धोखाधड़ी से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। पीड़ित ने बताया कि पंप पर मौजूद अन्य ग्राहकों ने भी इस दौरान मैनेजर की अभद्रता देखी, लेकिन कोई आगे आने को तैयार नहीं हुआ। सरमिन्दर ने कहा, “मैं गरीब किसान हूं, 510 रुपये मेरे लिए बड़ी रकम है। अगर ऐसे पंप वाले धोखा देंगे तो हम कहां जाएंगे?”
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित सरमिन्दर पटेल ने सलोन कोतवाली पुलिस से गुहार लगाई है और पंप मैनेजर व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पेट्रोल पंप की मशीनों की जांच और सीसीटीवी फुटेज की मांग भी की है ताकि सच सामने आ सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत मिलने पर जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
इलाके के अन्य किसानों और ग्रामीणों में इस घटना से आक्रोश है। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे पेट्रोल पंपों पर अक्सर कम नाप-तौल की शिकायतें आती रहती हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। भारत पेट्रोल पंप के मालिक या मैनेजर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
यह मामला पेट्रोल पंपों पर पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों की याद दिलाता है। अगर जांच में आरोप साबित हुए तो पंप की लाइसेंस रद्द होने तक की कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पीड़ित किसान न्याय की आस में पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा है।










