Uproar Over Inter-Religious Marriage : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर उस समय हंगामा मच गया, जब हिंदू युवती और मुस्लिम युवक परिजनों की सहमति से शादी करने पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), बजरंग दल और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शादी का विरोध करते हुए होटल में पहुंचकर विवाह रुकवाने की कोशिश की। मामला हरचंदपुर थाना क्षेत्र के डिडौली गांव स्थित एक होटल का है, जहां महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कैर गांव की रहने वाली हिंदू युवती सपना यादव बिहार निवासी मुस्लिम युवक जलालुद्दीन से शादी करने जा रही थीं। दोनों पक्षों के परिजन मौजूद थे, लेकिन युवती के चाचा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था, जिसके चलते उन्होंने पहले ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। हंगामा बढ़ने पर होटल संचालक ने लाइट बंद कर दी, जिससे शादी की रस्में रुक गईं और अंतत: दोनों पक्ष होटल से चले गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों बालिग हैं और शादी करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।
घटना की शुरुआत 12 नवंबर को हुई, जब सपना यादव के चाचा ने महाराजगंज कोतवाली में अपनी भतीजी, उसके माता-पिता (भाई-भाभी) और जलालुद्दीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि युवती को बहला-फुसलाकर या दबाव में शादी के लिए ले जाया जा रहा है। हालांकि, शादी के दिन दोनों पक्ष परिजनों के साथ होटल पहुंचे और विवाह की तैयारी शुरू हो गई। अंतरधार्मिक विवाह की खबर जैसे ही बाहर फैली, वीएचपी, बजरंग दल और करणी सेना के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में होटल पर जमा हो गए। उन्होंने नारे लगाते हुए शादी रुकवाने की मांग की और दावा किया कि यह ‘लव जिहाद’ का मामला हो सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि हिंदू युवती की शादी मुस्लिम युवक से होने से परिवार और समाज को नुकसान पहुंचेगा।

हंगामा बढ़ता देख होटल संचालक ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेकाबू होती दिखी। सूचना मिलते ही हरचंदपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की और बताया कि दोनों युवक-युवती वयस्क हैं, इसलिए उनकी मर्जी से शादी में कोई कानूनी अड़चन नहीं है। इस बीच, होटल संचालक ने सुरक्षा का हवाला देते हुए लाइट बंद कर दी और शादी की रस्में रोक दीं। अंधेरे में विवाह प्रक्रिया ठप हो गई, जिसके बाद दोनों पक्षों से होटल खाली करने को कहा गया। अंत में, बिना शादी पूरा हुए दोनों पक्ष होटल से चले गए।
होटल संचालक प्रमोद सिंह की बयान: “शादी चल रही थी, दोनों पक्ष के लोग मौजूद थे। अचानक हिंदू संगठनों के लोग आ गए और विरोध करने लगे। हंगामा बढ़ गया तो मैंने लाइट बंद कर दी और सबको होटल छोड़ने को कहा। मैं नहीं चाहता था कि मेरे होटल में कोई मारपीट या अनहोनी हो। पुलिस आई और सब संभाल लिया।”
करणी सेना के मोनू सिंह भदौरिया की बयान : “यह हिंदू बहन की शादी मुस्लिम लड़के से हो रही थी, हमने विरोध किया क्योंकि परिवार का एक हिस्सा खिलाफ था। हम लव जिहाद के खिलाफ हैं। पुलिस को चाहिए था कि पहले जांच करती, लेकिन वे शादी होने दे रहे थे। हमने सिर्फ आवाज उठाई, कोई हिंसा नहीं की।”
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों युवक-युवती बालिग हैं और उनकी सहमति से विवाह हो रहा था। परिजनों की मौजूदगी में कोई जबरदस्ती का मामला नहीं था। एफआईआर की जांच चल रही है, लेकिन शादी रोकने का कोई कानूनी आधार नहीं है। पुलिस ने होटल के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच की बात कही है। इस घटना ने एक बार फिर अंतरधार्मिक विवाहों को लेकर समाज में चल रही बहस को उजागर कर दिया है।










