Mahoba : प्यार में पड़ी शादीशुदा महिला, दरोगा को दी धमकी; लोहे की रॉड से सिर कुचलकर मार डाला

Mahoba : कबरई थाने में तैनात 2023 बैच के सब-इंस्पेक्टर (SI) अंकित यादव ने दहेज प्रताड़ना के एक केस की जांच के दौरान पीड़िता किरन सिंह के साथ अवैध संबंध बना लिए। किरन शादीशुदा थी और उसका पति विनोद CRPF में तैनात है। दंपति की कोई संतान नहीं थी। जांच के बहाने किरन ने SI अंकित का मोबाइल नंबर ले लिया और दिन में 10-10 बार कॉल करने लगी। परेशान होकर अंकित ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया, लेकिन किरन नंबर बदलकर कॉल करती रही और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी। आखिरकार 12 नवंबर की रात को किरन अपने घरवालों से बिना बताए अंकित की कार से घूमने निकली। सुनसान इलाके में पानी पीने उतरते ही अंकित ने गुस्से में कार में रखी लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे किरन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी SI अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया है। वह मूल रूप से रायबरेली के महमद मऊ गांव का रहने वाला है और उसका परिवार प्रयागराज में रहता है। उसके पिता राजकुमार यादव वाराणसी में दरोगा के पद पर तैनात हैं।

दहेज प्रताड़ना का केस और जांच की शुरुआत

घटना की जड़ किरन सिंह के दहेज प्रताड़ना के केस में छिपी है। किरन कबरई की रहने वाली थी। उसके पति विनोद CRPF में कार्यरत हैं। दंपति की शादी को कुछ साल हो चुके थे, लेकिन कोई संतान नहीं थी। किरन के पिता ने पुलिस को बताया कि शादी के एक साल बाद ही दामाद विनोद ने 2 लाख रुपये नकद और ब्रेजा कार दहेज में मांगनी शुरू कर दी। परिवार ने दहेज देने से इनकार कर दिया, तो विनोद और उसके परिजनों ने किरन को पीटना शुरू कर दिया और एक बार तो जहर पिला देने की कोशिश की। इसके बाद किरन ने दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया। इस केस की जांच की जिम्मेदारी कबरई थाने में तैनात SI अंकित यादव को सौंपी गई, जो 2024 से महोबा के कबरई थाने में पोस्टेड थे। अंकित 2023 बैच के दरोगा हैं।

जांच के दौरान बने अवैध संबंध, दिन में 10-10 कॉल

मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराने पहुंचे आरोपी SI अंकित यादव से दैनिक भास्कर की टीम ने बातचीत की। अंकित ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि वह किरन के दहेज उत्पीड़न के मुकदमे की जांच कर रहा था। जांच के सिलसिले में उसे 2-3 बार किरन के घर जाना पड़ा। इसी दौरान किरन ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया और कॉल करने लगी। अंकित ने कहा, “मैंने उसे कॉल पर ही समझाया कि यह मेरी ड्यूटी है। बाकी मेरा आपसे कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन वह मेरे पीछे पड़ गई। दिन में 10-10 बार कॉल करती थी।”

परेशान होकर अंकित ने किरन का नंबर ब्लैक लिस्ट कर दिया, लेकिन किरन नहीं मानी। वह नंबर बदल-बदलकर कॉल करती रही। अंकित ने उससे बात करने से मना किया तो किरन धमकी देने लगी कि झूठे मुकदमे में फंसा देगी। अंकित ने बताया, “मैं उससे पूरी तरह परेशान हो चुका था।”

11 नवंबर की कॉल और 12 नवंबर की रात की घटना

अंकित के अनुसार, 11 नवंबर को किरन ने फिर कॉल की और कहा कि तुम्हारी कार से घूमने चलूंगी। अंकित ने सोचा कि इस बार उसे मिलकर समझा देगा। 12 नवंबर की रात को किरन अपने घरवालों से बिना बताए उसके साथ कार से घूमने निकल गई। रास्ते में अंकित ने उसे कई बार समझाने की कोशिश की कि ऐसी हरकतें छोड़ दे, लेकिन किरन फिर धमकी देने लगी। इससे अंकित फ्रस्ट्रेट हो गया। जैसे ही सुनसान इलाके में किरन पानी पीने के लिए कार से उतरी, अंकित ने गाड़ी में रखी लोहे की रॉड निकाली और उसके सिर पर जोरदार हमला कर दिया। वार से किरन का सिर फट गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

आरोपी की पृष्ठभूमि और गिरफ्तारी

अंकित यादव मूल रूप से रायबरेली जिले के महमद मऊ गांव का रहने वाला है। उसके गांव वाले घर में ताला लगा रहता है। पूरा परिवार प्रयागराज में रहता है। अंकित के पिता राजकुमार यादव वाराणसी में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। घटना के बाद पुलिस ने अंकित को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, जिसमें अवैध संबंध, धमकी और हत्या के पहलू शामिल हैं। किरन के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है, जबकि अंकित ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

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