Sikandarpur : चांदपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में प्रधानी की पुरानी रंजिश शनिवार देर शाम खूनी संघर्ष में बदल गई। प्रधानी में भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर प्रधान पक्ष ने गुस्से में लाठी-डंडा, कुल्हाड़ी और अवैध असलहों से हमला कर दिया। इस हमले में नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें से पांच को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई। तनाव को देखते हुए पुलिस ने रातभर भारी फोर्स तैनात कर दी। दपसौरा चौकी इंचार्ज राकेश चंद्र शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 27 नामजद और 35 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

प्रधान पक्ष के आरोपी : अरविंद सिंह (पूर्व प्रधान), वीर सिंह, शिवबरन सिंह, कल्लू सिंह, जनक सिंह, सौरभ सिंह, अवधेश सिंह, रणधीर, वसीर, जुल्फिकार, अन्नू सिंह, तन्नू सिंह, हरगोविंद, डिंपल, ननकापाल, श्रीराम निषाद, रामवीर, अजय राज सिंह, प्रमोद सिंह, सत्यम सिंह, उदय नारायण, शिवनायक, नागेंद्र सिंह, सत्यम, नरेंद्र सिंह, रिंकू, संतराम एवं 30–35 अज्ञात।
पीड़ित पक्ष के नामजद : उदय नारायण, शिवनायक, नागेंद्र सिंह, सत्यम, नरेंद्र सिंह, रिंकू, धीरज सिंह और संतराम।
पुलिस ने रविवार को प्रधान पक्ष के आठ आरोपियों—अरविंद सिंह (पूर्व प्रधान), कल्लू सिंह, वीर सिंह, रणधीर, जनक सिंह, सौरभ सिंह, शिवबरन सिंह और अवधेश सिंह—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पीड़ित नागेंद्र ने बताया कि प्रधानी में भ्रष्टाचार की जांच की मांग करने पर प्रधान पक्ष ने हमला किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ हवाई फायरिंग भी की गई।
गांव के रामरूप ने आरोप लगाया कि उसी रात पूर्व प्रधान और उनके गुर्गों ने उनके घर में तोड़फोड़ कर नगदी और जेवरात लूट लिए। रामरूप के अनुसार उन्होंने कभी अरविंद सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था और आगामी चुनाव में भी प्रत्याशी हैं। यही रंजिश इस हमले की वजह मानी जा रही है।
गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है। एसपी ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध असलहों के उपयोग की जांच भी शुरू कर दी गई है।










