Kanpur News : उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ पुलिस विभाग को एक और झटका लगा है। थाना सिकंदरा में तैनात सिपाही गौरव कुमार को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सोमवार को सूर्या होटल के पास नेशनल हाइवे पर की गई, जहां सिपाही ने ओयो होटल के संचालक से 6,000 रुपये की रिश्वत वसूलने की कोशिश की थी। इस घटना ने स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।
घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, सिकंदरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ओयो होटल के संचालक सौरभ पाल ने सिपाही गौरव कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। सौरभ ने बताया कि होटल के संचालन से जुड़े किसी छोटे-मोटे मामले में सिपाही ने उनसे 6,000 रुपये की मांग की थी। यह रिश्वत होटल के लाइसेंस या अन्य प्रशासनिक कामों को आसानी से निपटाने के बदले मांगी गई थी। सौरभ ने इस भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने का फैसला लिया और एंटी करप्शन टीम को गुप्त सूचना दी।
एंटी करप्शन प्रभारी निरीक्षक जगदीश यादव के नेतृत्व में टीम ने तत्काल जाल बिछाया। सोमवार दोपहर सूर्या नेशनल हाइवे के पुल के नीचे सिपाही गौरव कुमार को शिकायतकर्ता सौरभ पाल से रिश्वत के पैसे लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद सिपाही को हिरासत में लेकर अकबरपुर थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ जारी है। टीम ने मौके पर ही रिश्वत की राशि बरामद कर ली और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय की बड़ी कार्रवाई, दो अधिकारियों को लाइन हाजिर
इस घटना पर एसएसपी कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए थानाध्यक्ष सिकंदरा हरिओम त्रिपाठी और सब-इंस्पेक्टर चरन सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने कहा, “पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं, और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सिपाही गौरव कुमार का आपराधिक इतिहास : चार साल पहले अवैध डीजल कारोबार में जेल
गौरव कुमार मूल रूप से इटावा जिले का निवासी है, लेकिन लंबे समय से थाना सिकंदरा में तैनात था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पहली बार नहीं है जब सिपाही गौरव कुमार भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों में फंसा हो। लगभग चार साल पहले (2021 में) कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के कंचौसी कस्बे में अवैध डीजल बिक्री के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था। उस समय जिला पूर्ति विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने रेलवे फाटक के पास एक दुकान पर छापा मारा था, जहां 19 ड्रम डीजल जब्त किया गया था।
जांच के दौरान दुकान पर मौजूद गौरव (जिसकी पहचान सिपाही गौरव कुमार से मेल खाती है) के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। वह अवैध डीजल कारोबार में संलिप्त पाया गया, जिसके चलते उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उस मामले में दुकान मालिक सुरेश चंद्र तिवारी फरार हो गया था, लेकिन गौरव को मुख्य आरोपी बनाया गया। जिला मजिस्ट्रेट आलोक सिंह ने तब कहा था कि ज्वलनशील पदार्थों की अवैध बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिहा होने के बाद गौरव ने फिर से पुलिस सेवा में वापसी की, लेकिन अब रिश्वत कांड ने उसके अतीत को फिर से उजागर कर दिया है।
पुलिस महकमे में हड़कंप, जनता में सकारात्मक संदेश
यह घटना कानपुर देहात पुलिस के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में पहले भी छोटे-मोटे भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन एंटी करप्शन टीम की फुर्ती ने विभाग को सतर्क कर दिया। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है। एक निवासी ने कहा, “एसपी श्रद्धा पांडेय का यह कदम भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाएगा। आम आदमी को अब न्याय मिलने की उम्मीद है।”
एंटी करप्शन टीम की यह सफलता जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। हाल ही में रूरा थाने के एक दारोगा संजय कुमार सिंह को भी 5,000 रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जिसे निलंबित कर दिया गया। एसएसपी ने सभी थानों को निर्देश दिए हैं कि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न बचे।
आगे की कार्रवाई
सिपाही गौरव कुमार को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विभागीय जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें बर्खास्तगी भी शामिल है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।










