Raebareli : रायबरेली के राणा बेनी माधव बक्श सिंह जिला अस्पताल में एकमात्र सीटी स्कैन मशीन पिछले 11 दिनों से खराब पड़ी हुई है। मशीन के कैमरे में तकनीकी खराबी आने के कारण यह महत्वपूर्ण जांच सुविधा पूरी तरह से ठप हो चुकी है। इससे रोजाना सैकड़ों गंभीर मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी अस्पताल में निःशुल्क मिलने वाली यह सुविधा बंद होने से मरीज मजबूरन निजी जांच केंद्रों और अस्पतालों के चक्कर काटने को विवश हैं, जहां एक सीटी स्कैन की कीमत 2,000 से 4,000 रुपये तक वसूली जा रही है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मशीन सप्लायर कंपनी साइरेक्स (Carex) की लापरवाही के चलते यह समस्या उत्पन्न हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस)ने बताया कि मशीन के कैमरे में खराबी की शिकायत के बाद कंपनी को कई बार पत्र लिखे गए और फोन पर भी तत्काल मरम्मत के लिए कहा गया, लेकिन कंपनी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कंपनी के प्रतिनिधि मौखिक रूप से बार-बार इंजीनियर भेजने का आश्वासन दे रहे हैं, पर 11 दिन गुजर जाने के बाद भी कोई इंजीनियर अस्पताल नहीं पहुंचा।

सीटी स्कैन मशीन की कमी से सबसे ज्यादा परेशानी सिर, पेट, छाती, हृदय रोग, कैंसर संदेह और सड़क दुर्घटना के गंभीर मरीजों को हो रही है। अस्पताल में रोजाना औसतन 40-50 मरीज सीटी स्कैन कराने आते हैं। अब ये सभी मरीज या तो लखनऊ, प्रयागराज या शहर के निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों की शरण लेने को मजबूर हैं।
- स्थानीय निवासी रामू यादव ने बताया कि उनकी पत्नी को सिर में तेज दर्द की शिकायत थी। डॉक्टर ने तुरंत सीटी स्कैन लिखा, लेकिन मशीन खराब होने की जानकारी मिलते ही उन्हें लखनऊ ले जाना पड़ा। आने-जाने और जांच में करीब 8,000 रुपये खर्च हो गए।
- इसी तरह बछरावां क्षेत्र के एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि सड़क हादसे में घायल उनके भाई की ब्रेन सीटी स्कैन के लिए उन्हें निजी अस्पताल में 3,500 रुपये चुकाने पड़े।
जिला प्रशासन का रुख
जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को इस मामले की जानकारी दे दी गई है। सीएमओ ने कहा कि कंपनी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और 24-48 घंटे के अंदर मशीन ठीक कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कंपनी को पेनाल्टी लगाने और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी है।
नगर के समाजसेवी और आमजनता ने स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल जैसी बड़ी सुविधा में 11 दिन तक सीटी स्कैन जैसी बेसिक जांच बंद रहना स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
फिलहाल मरीजों की परेशानी जारी है और सभी की निगाहें उस दिन पर टिकी हैं जब जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन फिर से चालू हो सकेगी।










