Raebareli News : डलमऊ थाना क्षेत्र के मिर्जापुर मजरे रजौली गांव निवासी दिव्यांग राममिलन पुत्र स्वर्गीय रामाधार ने अपनी पैतृक भूमिधरी जमीन पर दबंगों द्वारा किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गांव के ही वासुदेव, राम प्रसाद सहित अन्य लोगों ने दबंगई दिखाते हुए उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया और विरोध करने पर मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी।
राममिलन ने बताया कि वह शारीरिक रूप से दिव्यांग है और परिवार का एकमात्र सहारा है। उसकी जमीन खाता संख्या व खसरा संख्या के अनुसार उसकी पैतृक संपत्ति है, जिस पर वर्षों से वह खेती करता आ रहा था। लेकिन कुछ महीने पहले दबंगों ने रातोंरात जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां निर्माण कार्य शुरू कर दिया। जब उसने विरोध किया तो उसे बुरी तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। डर के मारे वह घर से बाहर नहीं निकल पा रहा था।

पीड़ित ने आगे बताया कि इस मामले की शिकायत वह कई बार थाना डलमऊ, तहसील व एसडीएम कार्यालय में कर चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थाने में तहरीर देने पर भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मजबूरन आज वह सुबह करीब 10 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और मुख्यमंत्री के नाम लिखे आवेदन पत्र को डीएम रायबरेली को सौंपा। आवेदन में उसने मांग की है कि उसके साथ हुए मारपीट व धमकी के मामले में मुकदमा दर्ज हो, अवैध कब्जा तत्काल हटवाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
राममिलन की आंखों में आंसू थे जब उसने मीडिया से बात करते हुए कहा
“मैं दिव्यांग हूं, मेरे पास जमीन के अलावा कुछ नहीं है। दबंगों ने सब छीन लिया। कई महीनों से चक्कर लगा रहा हूं, कोई सुनवाई नहीं। आज CM साहब के नाम पत्र देकर आया हूं, उम्मीद है अब न्याय मिलेगा।”
जिलाधिकारी कार्यालय में मौजूद अधिकारियों ने पत्र प्राप्त कर लिया है और इसे संबंधित विभाग को अग्रसारित करने की बात कही है। अब देखना यह है कि दिव्यांग राममिलन की न्याय की इस पुकार पर प्रशासन कब तक अमल करता है।










