SIR अभियान की समय सीमा बढ़ी : उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों में 7 दिनों की मोहलत, अब 11 दिसंबर तक चलेगी मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया

नई दिल्ली : भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय सीमा को 7 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यह निर्णय मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, जहां तकनीकी चुनौतियां और जमीनी स्तर पर आ रही देरी को ध्यान में रखा गया। पहले निर्धारित 4 दिसंबर की अंतिम तिथि अब बढ़ाकर 11 दिसंबर 2025 कर दी गई है, जिससे लाखों मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

आयोग ने सभी प्रभावित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को नया शेड्यूल जारी करते हुए पूर्व निर्देशों को निरस्त कर दिया है। इस विस्तार से विशेष रूप से उन मतदाताओं को फायदा होगा, जो अभी तक फॉर्म भरने, नाम जोड़ने या वोटर लिस्ट में सुधार करने में असमर्थ रहे थे। SIR अभियान का यह दूसरा चरण मतदाता सूची की गहन समीक्षा पर केंद्रित है, जिसमें घर-घर सत्यापन, बूथ स्तर अधिकारियों (BLO) द्वारा फॉर्म संग्रह और ड्राफ्ट रोल की तैयारी शामिल है।

प्रभावित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

SIR अभियान का यह विस्तार निम्नलिखित 12 इकाइयों पर लागू होगा:

  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • छत्तीसगढ़
  • गोवा
  • गुजरात
  • केरल
  • लक्षद्वीप
  • मध्य प्रदेश
  • पुडुचेरी
  • राजस्थान
  • तमिलनाडु
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल

इन क्षेत्रों में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए वोटर लिस्ट को मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्य इस प्रक्रिया से सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां करोड़ों मतदाताओं की सूची का पुनरीक्षण हो रहा है।

नया शेड्यूल: क्या बदला, क्या रहेगा वही?

चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया के लिए संशोधित समय-सारिणी जारी की है, जो निम्नानुसार है:

क्रमांकप्रक्रियापुरानी तिथिनई तिथि
1घर-घर सत्यापन और फॉर्म संग्रह (Enumeration Phase)4 दिसंबर 202511 दिसंबर 2025 (गुरुवार)
2कंट्रोल टेबल अपडेट और ड्राफ्ट रोल तैयार करना12-15 दिसंबर 2025
3ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल का प्रकाशन16 दिसंबर 2025 (मंगलवार)
4दावे और आपत्तियां दाखिल करना (Claims & Objections)16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 (गुरुवार)
5नोटिस जारी करना, सुनवाई, सत्यापन और निर्णय (Notice Phase)16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 (समानांतर चलेगी)
6दावों-आपत्तियों का निस्तारण (ERO द्वारा)7 फरवरी 2026 तक
7अंतिम मतदाता सूची की जांच और आयोग अनुमति10 फरवरी 2026
8अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन14 फरवरी 2026

इस शेड्यूल में पोलिंग स्टेशनों के पुनर्गठन और सुधार पर भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने BLO अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अंतिम तिथि तक सभी फॉर्म एकत्र करें और सत्यापन सुनिश्चित करें।

निर्णय की पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ाई गई समय सीमा?

SIR अभियान के दूसरे चरण में जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां सामने आईं, जिनमें तकनीकी खराबियां, कर्मचारियों की कमी और मौसमी बाधाएं शामिल हैं। 27 अक्टूबर को जारी मूल शेड्यूल के अनुसार प्रक्रिया 4 दिसंबर को समाप्त होनी थी, लेकिन केवल चार दिन शेष रहने पर आयोग ने हस्तक्षेप किया। आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “यह विस्तार मतदाता सूची की अखंडता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था। हम नहीं चाहते कि कोई योग्य मतदाता नाम छूट जाए।”

इसके अलावा, आयोग ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे बढ़े हुए समय का अधिकतम उपयोग करें। मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे NVSP पोर्टल (nvsp.in) या ई-फॉर्म 6, 7, 8 के माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट करें। ऑफलाइन फॉर्म भी BLO के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण टिप्स

  • अपनी जानकारी जांचें : वोटर हेल्पलाइन ऐप या वेबसाइट पर नाम की स्थिति देखें।
  • दस्तावेज तैयार रखें : आधार, वोटर आईडी या अन्य पहचान पत्र साथ रखें।
  • समय न गंवाएं : 11 दिसंबर के बाद कोई मोहलत नहीं मिलेगी।
  • शिकायत दर्ज करें : किसी समस्या पर हेल्पलाइन 1950 पर कॉल करें।

यह फैसला आगामी चुनावों में पारदर्शिता और समावेशिता को मजबूत करेगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह विस्तार केवल निर्दिष्ट 12 इकाइयों तक सीमित है, और अन्य क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया सामान्य रूप से चलेगी। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक ECI वेबसाइट (eci.gov.in) पर जाएं।

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