Ranchi : गढ़वा विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने धुर्वा के नया विधानसभा स्थित अपने आवास पर सोमवार को मीडिया से मुख़ातिब हुए। जहां उन्होंने मनरेगा, पेसा नियमावली सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सर्वप्रथम विधायक ने मनरेगा पर बात रखते हुए कहा कि हम सभी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रगुजार हैँ कि वे मनरेगा जैसी योजना का नाम बदलकर वि बी जी राम जी लेकर आये हैँ, जो हमें विकसित भारत की ओर लेकर जायेगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में कई खामियां थी और कई विसंगतियां थी उसे दूर करने का एक बहुत बड़ा प्रयास केंद्र सरकार करने में लगी है। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में लूट होता था चंद बिचौलिए अपनी जेब गरम करने में लगे रहते थे। लेकिन आम आवाम को उसका लाभ नहीं मिल पाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा मेहनत करने वाले लोगों की कद्र होगी। और उन्हें सीधे लाभ मिलेगा। विधायक ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत आने वाले टेक्निकल स्टाफ हो या मनरेगा कर्मी, उन्हें शत-प्रतिशत भुगतान की गारंटी सुनिश्चित की गई है।

वहीं उन्होंने कांग्रेस द्वारा देश भर में चलाये जा रहे मनरेगा बचाओ अभियान पर तंज कसते हुए विपक्ष इसे गलत ढंग से जनता के बीच प्रस्तुत कर रहा है क्योंकि विपक्ष को राम फोबिया हो गया है। 2047 तक विकसित भारत बनाने का जो सपना और सोच है नरेंद्र मोदी का इसके तहत बजट के आकार को बढ़ाने का काम किया है। यह बहुत ही खूबसूरत योजना है। इसको लेकर विपक्ष के पेट में क्यों दर्द हो रहा है यह समझ से परे है।
वहीं उन्होंने पेसा नियमावली पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पेसा का मूल कांसेप्ट है ग्राम सभा को मजबूत करना और उन्हें संवैधानिक अधिकार दिलाना, लेकिन पेसा में कहीं भी इसकी झलक नहीं है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ आईवॉश करने का काम रहे हैँ। पेसा के नाम पर हेमंत सरकार आदिवासियों को गुमराह कर रही है। ट्राइबल समाज इसका विरोध कर रहे हैँ। ज़ब पेसा अधिनियम का धीरे-धीरे अध्ययन कर लेंगे तो लोग इसका विरोध करने के लिए सड़क पर उतरेंगे।
उन्होंने हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड राज्य में कहीं भी विकास के कार्य नहीं हो रहे हैं। राज्य रसातल की ओर जा रहा है। इसका मूल कारण है राज्य सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन। हेमंत सरकार हर मोर्चे पर फेल्योर सरकार है। सिर्फ नाम बदलने का काम कर रही है अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक कर दिया। सिर्फ नाम बदलने से विकास नहीं होगा।










