CV Anand Bose Resignation : चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में बड़ा घटनाक्रम: राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, आर.एन. रवि को अतिरिक्त जिम्मेदारी

CV Anand Bose Resignation : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अचानक इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे गए त्यागपत्र के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। चुनाव से पहले इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

CV Anand Bose Resignation : पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार को उस समय अचानक हलचल मच गई जब राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने दिल्ली में रहते हुए अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति Droupadi Murmu को भेजा। इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है, क्योंकि राज्य में पहले से ही चुनावी माहौल गर्म है।

इस्तीफे के बाद बोस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने राज्यपाल के रूप में लंबा समय काम किया और अब वह अपने अगले कदमों पर विचार करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की कोई ठोस वजह सार्वजनिक रूप से नहीं बताई।

2022 में संभाली थी पश्चिम बंगाल के राज्यपाल की जिम्मेदारी

सीवी आनंद बोस को नवंबर 2022 में पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब उस समय के राज्यपाल Jagdeep Dhankhar देश के उपराष्ट्रपति बने थे।

करीब साढ़े तीन साल के कार्यकाल के दौरान बोस कई बार राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों पर अपनी राय खुलकर रखते रहे। कई मौकों पर राजभवन और राज्य सरकार के बीच मतभेद भी सामने आए, जिससे राज्य की राजनीति में चर्चा का माहौल बना रहा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताई हैरानी

राज्यपाल के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला उनके लिए चौंकाने वाला है और इसके पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि चुनाव से पहले इस तरह के फैसलों को लेकर राजनीतिक दबाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना था कि संवैधानिक पदों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में राज्य सरकार से भी सलाह ली जानी चाहिए, ताकि संघीय ढांचे की भावना बनी रहे।

आर.एन. रवि को मिला अंतरिम प्रभार

राज्यपाल के इस्तीफे के बाद प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिलहाल R. N. Ravi को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वह पहले से ही तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे हैं।

आर.एन. रवि का करियर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़ा रहा है। वे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों तथा खुफिया तंत्र में भी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। तमिलनाडु में अपने कार्यकाल के दौरान भी उनकी राज्य सरकार के साथ कई मुद्दों पर मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।

लद्दाख में भी अचानक बदला

इसी बीच केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से भी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यहां के लेफ्टिनेंट गवर्नर Kavinder Gupta ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था और करीब नौ महीने के भीतर ही उन्होंने पद छोड़ दिया।

राजनीतिक गलियारों में बढ़ी चर्चा

पश्चिम बंगाल और लद्दाख में लगभग एक साथ हुए इन इस्तीफों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन फैसलों के पीछे की वजहें और स्पष्ट हो सकती हैं।

चुनावी माहौल के बीच हुए इन बदलावों ने निश्चित तौर पर राष्ट्रीय राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर पर भी नजर रहेगी।

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