New Delhi: केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को विश्वास जताया कि भारतीय तलवारबाज (Fencers) न केवल आगामी एशियाई खेलों (Asian Games) में पदक जीतेंगे, बल्कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई करने में सफल होंगे।
एशियाई स्तर की तलवारबाजी चैंपियनशिप भारत में — एक ऐतिहासिक उपलब्धि
रिजिजू ने कहा,
“भारत में एशियाई स्तर की तलवारबाजी चैंपियनशिप का आयोजन करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय तलवारबाजी महासंघ (International Fencing Federation) के शीर्ष अधिकारी भी इस आयोजन में भारत आए, जो देश में इस खेल की बढ़ती साख को दर्शाता है।

यह आयोजन भारत के लिए इस मायने में खास है क्योंकि देश में पहली बार इस स्तर की तलवारबाजी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों से भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अनुभव मिलता है और वे बड़े मंचों के लिए तैयार होते हैं।
भारतीय खिलाड़ियों ने किया बेहतरीन प्रदर्शन
मंत्री रिजिजू ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कई भारतीय खिलाड़ी केवल एक या दो अंकों के अंतर से हारे, लेकिन उनका खेल उत्कृष्ट था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रदर्शन से यह साबित होता है कि भारतीय खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
यह जानकारी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणादायक है जो भारत में तलवारबाजी को करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं। जब खिलाड़ी विश्व के सर्वश्रेष्ठ प्रतिस्पर्धियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं, तो यह पूरे देश के लिए गर्व की बात होती है।
रिजिजू ने तलवारबाजी की खासियत बताते हुए कहा, “ओलंपिक में तलवारबाजी में कुल 12 स्वर्ण पदक दिए जाते हैं, जो इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण खेल बनाता है।” उन्होंने आगे कहा कि यह एक बेहद रोमांचक और दिलचस्प खेल है, और जैसे-जैसे युवा इससे परिचित होंगे, इसकी लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ेगी।
ओलंपिक में फॉयल (Foil), एपी (Épée) और सेबर (Sabre) — तीनों श्रेणियों में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक दिए जाते हैं। यानी भारत के पास एक प्रतिस्पर्धा में कई पदक जीतने का मौका है, बशर्ते देश इस खेल में पर्याप्त निवेश करे।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 को लेकर मंत्री रिजिजू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारतीय तलवारबाज इस बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे। उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार तलवारबाजी को एक प्राथमिकता वाले खेल के रूप में देख रही है और इसके विकास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित फेडरेशन मिलकर खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन कर सकें।
रिजिजू का कहना है कि एक बार युवा इस खेल से परिचित हो जाएं तो वे इसकी तरफ खुद-ब-खुद आकर्षित होंगे। देश में इस खेल को बढ़ावा देने के लिए स्कूल और कॉलेज स्तर पर तलवारबाजी को शामिल करने की आवश्यकता है।
आज भारत के कई राज्यों में तलवारबाजी अकादमियां खुल रही हैं। हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्य इस खेल में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। यदि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस खेल में निवेश बढ़ाएं, तो भारत अगले एक दशक में तलवारबाजी का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन सकता है।
किरेन रिजिजू का यह बयान भारतीय तलवारबाजी के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आया है। एशियाई चैंपियनशिप जैसे बड़े आयोजनों की मेज़बानी, सरकार का समर्थन और खिलाड़ियों का जोश — ये तीनों मिलकर भारत को तलवारबाजी में एक नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।
यदि भारतीय तलवारबाज 2028 ओलंपिक में क्वालिफाई करते हैं और पदक जीतते हैं, तो यह देश के खेल इतिहास का एक अविस्मरणीय पल होगा।










