Semicon India में PM मोदी बोले- भारत तेजी से बढ़ रहा आगे, PM मोदी ने गिनाईं भारत की उपलब्धियां; BRICS में दिखी ताकत

यशोभूमि में Semicon India 2026 का आगाज, 52 देशों की भागीदारी; पीएम मोदी ने AI, चिप निर्माण और ऊर्जा जरूरतों को लेकर रखी भारत की तस्वीर

नई दिल्ली के यशोभूमि में गुरुवार को Semicon India 2026 की शुरुआत के साथ भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को लेकर दुनिया का ध्यान एक बार फिर देश की ओर गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। 17 से 19 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन की थीम ‘Silicon to Systems: Building the Ecosystem’ रखी गई है। भारत समेत 52 देशों के उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं।

चिप से लेकर पूरे सिस्टम तक तैयार करने पर जोर

इस बार Semicon India का दायरा केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं है। आयोजन में सेमीकंडक्टर से जुड़े डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, निवेश, रिसर्च और सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है। सरकार की कोशिश भारत में ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की है, जहां चिप के डिजाइन से लेकर उसके इस्तेमाल तक की पूरी वैल्यू चेन विकसित हो सके।

पीएम मोदी ने बताई भारत की तकनीकी रफ्तार

उद्घाटन भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पारंपरिक निर्माण क्षमता और आधुनिक तकनीक के मेल को देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सदियों पुरानी निर्माण परंपरा और 21वीं सदी की तकनीक मिलकर विकसित और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत कर सकती हैं। पीएम मोदी ने हाल के घटनाक्रमों का हवाला देते हुए भारत की तेज प्रगति पर भी जोर दिया।

600 से ज्यादा प्रदर्शक दिखाएंगे तकनीक

Semicon India 2026 में 600 से अधिक प्रदर्शक अपने उत्पाद, तकनीक और समाधान पेश कर रहे हैं। इनमें करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। लगभग 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्रदर्शनी लगाई गई है। कार्यक्रम में 150 से ज्यादा वक्ताओं के जरिए सेमीकंडक्टर उद्योग की चुनौतियों, निवेश और भविष्य की संभावनाओं पर विचार साझा किए जाएंगे।

छह देशों के पवेलियन, 12 राज्यों की भागीदारी

आयोजन की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को छह देशों के विशेष पवेलियन से भी बल मिला है। जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन की कंपनियां यहां अपनी क्षमताएं प्रदर्शित कर रही हैं। इसके साथ ही 12 राज्य सरकारों के पवेलियन भी लगाए गए हैं, जहां निवेश और औद्योगिक संभावनाओं से जुड़े अवसर सामने रखे जा रहे हैं।

AI बढ़ेगा तो चिप और बिजली की जरूरत भी बढ़ेगी

प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विस्तार से पैदा होने वाली नई जरूरतों की ओर भी ध्यान खींचा। AI आधारित सेवाओं के लिए बड़े डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर की आवश्यकता होती है। ऐसे में कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी बढ़ेगी। पीएम मोदी ने इस बदलती जरूरत को देखते हुए पावर सेक्टर में निवेश के महत्व पर जोर दिया।

स्टार्टअप और छात्रों को भी मिला मंच

Semicon India 2026 में नई पीढ़ी और उभरती कंपनियों के लिए भी खास जगह बनाई गई है। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और समाधान प्रदर्शित कर रहे हैं। वहीं वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में कौशल, रोजगार और करियर से जुड़े अवसरों पर चर्चा हो रही है। महिलाओं के लिए भी विशेष मंच रखा गया है।

हैकाथॉन से लेकर पिच प्रतियोगिता तक

तीन दिन के इस आयोजन में स्टार्टअप पिच प्रतियोगिता, छात्र हैकाथॉन और इनोवेशन शोकेस जैसे कार्यक्रम होंगे। इनका मकसद नए आइडिया को उद्योग तक पहुंचाना और छात्रों व शोधकर्ताओं को व्यावहारिक अवसर देना है। इस तरह Semicon India 2026 को भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश, नवाचार, प्रतिभा और वैश्विक सहयोग को एक साथ जोड़ने वाले मंच के रूप में पेश किया जा रहा है।

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