कोडरमा जंक्शन पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन की अंतिम बोगी से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। ट्रेन संख्या 53373 कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर खड़ी थी और शाम करीब 3:15 बजे यहां से रवाना होने वाली थी। इसी दौरान यात्रियों की नजर ट्रेन की पिछली बोगी से निकल रहे धुएं पर पड़ी।
यात्रियों की सूचना पर हरकत में आए रेलकर्मी

बोगी से धुआं निकलता देख यात्रियों ने बिना देर किए इसकी जानकारी रेलवे कर्मचारियों को दी। सूचना मिलते ही रेलकर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुट गए। आग के बढ़ने की आशंका को देखते हुए सबसे पहले प्रभावित बोगी को ट्रेन के बाकी हिस्से से अलग करने की कार्रवाई की गई।
अंतिम बोगी को ट्रेन से किया गया अलग
रेल कर्मचारियों ने सावधानी बरतते हुए आग की चपेट में आई अंतिम बोगी को पैसेंजर ट्रेन से काटकर अलग कर दिया। इस कदम से आग को ट्रेन की दूसरी बोगियों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई। बोगी अलग किए जाने के बाद रेलवे कर्मचारियों ने आरपीएफ जवानों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
आरपीएफ की मौजूदगी में बुझाई गई आग
घटना के बाद कोडरमा स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए हलचल की स्थिति रही। रेलवे कर्मचारियों और आरपीएफ कर्मियों ने मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। समय रहते प्रभावित बोगी को अलग किए जाने से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण को लेकर रेलवे की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
यात्रियों के बीच बढ़ चिंता
ट्रेन में आग लगने की खबर फैलते ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच भी चिंता बढ़ गई। हालांकि, धुआं दिखाई देने के तुरंत बाद सूचना दिए जाने और रेलवे कर्मचारियों के सक्रिय होने से स्थिति को संभाल लिया गया। घटना के दौरान प्लेटफॉर्म पर यात्रियों और रेलकर्मियों की आवाजाही बढ़ गई।
आग लगने की वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा
कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर के अंतिम कोच में आग किस वजह से लगी, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। रेलवे की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह का पता चल सकेगा। घटना के बाद रेलवे परिचालन और प्रभावित कोच को लेकर आधिकारिक स्थिति की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।










