Polygamy To Be Banned In Assam : असम में बहुविवाह पर लगेगा प्रतिबंध, सरमा कैबिनेट ने विधेयक को दी मंजूरी, 7 साल तक की सजा का प्रावधान

Polygamy To Be Banned In Assam : असम में बहुविवाह की प्रथा को समाप्त करने की दिशा में हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2024’ के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक से अधिक जीवनसाथी रखने की प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगाना है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस विधेयक को जल्द ही राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा। कानून बन जाने के बाद, असम बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने वाले देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो जाएगा।

क्या हैं विधेयक के मुख्य प्रावधान?

प्रस्तावित कानून के तहत, असम में बहुविवाह करना एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध माना जाएगा। इस कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के अनुसार 7 साल तक की कैद और जुर्माने की सजा हो सकती है। यह विधेयक किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, राज्य में एक से अधिक विवाह करने से रोकेगा। सरकार का मानना है कि यह कदम महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

विधेयक की पृष्ठभूमि और कानूनी प्रक्रिया

असम सरकार ने इस कानून को बनाने के लिए एक लंबी प्रक्रिया का पालन किया है। पिछले साल मई में, राज्य सरकार ने यह जांचने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था कि क्या राज्य विधानसभा के पास बहुविवाह पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने का अधिकार है। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रूमी फूकन की अध्यक्षता वाली इस चार सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि राज्य विधानमंडल इस विषय पर कानून बनाने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

समिति की रिपोर्ट के बाद, सरकार ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर आम लोगों और संगठनों से इस प्रस्तावित कानून पर राय मांगी थी। रिपोर्टों के अनुसार, सरकार को कुल 149 सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें से 146 ने इस विधेयक का पुरजोर समर्थन किया, जबकि केवल तीन संगठनों ने इसका विरोध किया। भारी जनसमर्थन को देखते हुए सरकार ने विधेयक को अंतिम रूप दिया।

सामाजिक सुधार और UCC की ओर कदम

यह विधेयक असम सरकार के व्यापक सामाजिक सुधार एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री सरमा पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वे राज्य में बाल विवाह और बहुविवाह जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इससे पहले राज्य सरकार ने बाल विवाह के खिलाफ भी एक बड़ा अभियान चलाया था।

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