Banda News : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू रेंज स्थित ग्राम ओरन में पिछले कई दिनों से एक विशाल मगरमच्छ के तालाब में दिखाई देने से पूरे गांव में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों ने बच्चों व मवेशियों को तालाब के आस-पास जाने से पूरी तरह रोक दिया था। महिलाएं पानी भरने से डर रही थीं और बच्चे खेलने से वंचित हो गए थे। लगातार शिकायतों के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम ने शनिवार को साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मगरमच्छ को सकुशल पकड़ लिया और उसे उसके प्राकृतिक आवास यमुना नदी में सुरक्षित छोड़ दिया। इस सफल अभियान से ग्रामीणों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
कई दिनों से दहशत का कारण बना था मगरमच्छ

ग्राम ओरन के मुख्य तालाब में करीब 10-12 फीट लंबा मगरमच्छ अचानक दिखाई देने लगा था। ग्रामीणों का कहना था कि संभवतः बाढ़ या यमुना नदी के जलस्तर में बदलाव के कारण मगरमच्छ गांव के तालाब तक पहुंच गया था। तालाब गांव के ठीक बीचों-बीच होने से दिन-रात खतरे की स्थिति बनी हुई थी। बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता भी इसी तालाब के किनारे से था, जिस कारण अभिभावक बेहद चिंतित थे।
ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई। आखिरकार प्रभागीय वनाधिकारी बांदा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
शनिवार को चला साहसिक रेस्क्यू अभियान
22 नवंबर 2025 (शनिवार) को सुबह से ही बबेरू रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी के नेतृत्व में विशेष रेस्क्यू टीम गांव पहुंच गई। टीम में फील्ड स्टाफ, वन रक्षक और मगरमच्छ रेस्क्यू में प्रशिक्षित कर्मी शामिल थे।
सबसे पहले तालाब के चारों ओर जाल और रस्सियों से घेराबंदी की गई ताकि मगरमच्छ बाहर न निकल सके। इसके बाद टीम ने धैर्य और रणनीति के साथ कई घंटों तक निगरानी रखी। दोपहर बाद जैसे ही मगरमच्छ पानी की सतह पर आया, टीम ने कुशलता से उसे जाल में फंसाया। पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दवा या हथियार का प्रयोग नहीं किया गया ताकि मगरमच्छ को कोई नुकसान न पहुंचे।
लगभग 4-5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने तालियां बजाकर वन विभाग की टीम का स्वागत किया।
यमुना नदी में सुरक्षित छोड़ा गया
रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को विशेष वाहन में रखकर टीम नगर पंचायत ओरन के गढ़ाई क्षेत्र से यमुना नदी की ओर रवाना हुई। यमुना नदी के उस हिस्से जहां मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास है तथा मानव बस्ती से दूर है, वहां पहुंचकर टीम ने बड़ी सावधानी से मगरमच्छ को नदी में छोड़ा। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
ग्रामीणों में खुशी की लहर, वन विभाग को धन्यवाद
मगरमच्छ के पकड़े जाने और छोड़े जाने की खबर जैसे ही गांव में फैली, लोग घरों से निकल आए। महिलाओं और बच्चों ने वन विभाग की टीम को माला पहनाकर और फूलों से स्वागत किया। कई ग्रामीणों ने कहा, “कई दिनों से हम रात में भी डर के मारे सो नहीं पा रहे थे। वन विभाग ने हमारी जान बचाई।”
प्रभागीय वनाधिकारी बांदा ने बताया कि विभाग मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाती है ताकि किसी को नुकसान न हो।
इस सफल रेस्क्यू अभियान से एक बार फिर साबित हो गया कि सही समय पर सही कदम से बड़े संकट को भी आसानी से टाला जा सकता है।










