Raebareli News : सीडीओ ने विकास भवन में किया औचक निरीक्षण, कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर मचा हड़कंप

Raebareli News : जिले के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने आज सुबह बिना किसी पूर्व सूचना के विकास भवन में औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति सामने आई, जिससे पूरे विकास भवन में हड़कंप मच गया। पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी समय पर अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। इसी तरह, समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारी और एआर कॉपरेटिव भी अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा, कई अन्य विभागों के कर्मचारी भी नदारद मिले, जिस पर सीडीओ ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।

निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका की जांच की। विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में पहुंचकर उन्होंने कार्यालय व्यवस्था, सफाई, फाइलों के निस्तारण और जनसुनवाई रजिस्टर का बारीकी से अवलोकन किया। सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ, जब अधिकांश कर्मचारी अभी-अभी कार्यालय पहुंचे ही थे या फिर चाय-पानी की आदतों में लिप्त थे। जैसे ही सीडीओ की मौजूदगी की खबर फैली, विकास भवन के गलियारों में अफरा-तफरी मच गई। कई कर्मचारी भागते-भागते अपने डेस्क पर लौटे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची: लापरवाही पर लगी मुहर

निरीक्षण में सामने आई अनुपस्थिति की प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:

  • पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी : समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे। उनका अभाव विभागीय कार्यों की निगरानी पर असर डाल सकता है, खासकर पिछड़े वर्गों की कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में।
  • समाज कल्याण अधिकारी : निरीक्षण के समय कार्यालय में नहीं मिले। समाज कल्याण विभाग की महत्वपूर्ण फाइलें धूल खाती नजर आईं।
  • जिला प्रोबेशन अधिकारी : अनुपस्थिति दर्ज की गई, जिससे प्रोबेशन संबंधी मामलों में देरी की आशंका जताई जा रही है।
  • बाल विकास पुष्टाहार विभाग के अधिकारी : विभाग के प्रमुख अधिकारी समय से अनुपस्थित पाए गए। यह विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण योजनाओं का संचालन करता है, जहां समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
  • एआर कॉपरेटिव (सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता) : सहकारिता विभाग के इस वरिष्ठ अधिकारी की अनुपस्थिति ने ग्रामीण सहकारिता योजनाओं की प्रगति पर सवाल खड़े कर दिए।
  • अन्य विभागों के कर्मचारी : पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पशुपालन और लघु सिंचाई जैसे विभागों से कम से कम 15-20 कर्मचारी नदारद मिले। इनमें से कई के नामों पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

सीडीओ ने अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। सभी को एक दिन का वेतन काटने के साथ-साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक न मिला, तो विभागीय जांच और आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सीडीओ ने साफ शब्दों में कहा, “सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी और जवाबदेही सुनिश्चित करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विकास योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है, और इसके लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रहना होगा।”

निरीक्षण का व्यापक प्रभाव: सफाई और व्यवस्था पर भी नजर

केवल अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि कार्यालयों की सफाई व्यवस्था और फाइल निस्तारण पर भी सीडीओ ने नजर रखी। कुछ कार्यालयों में धूल मिट्टी जमा होने और जनसुनवाई रजिस्टर में अनियमितताएं पाई गईं। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सप्ताह के अंत तक सभी कमियों को दूर किया जाए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और संदर्भित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण नियमित होंगे, ताकि जिला स्तर पर विकास कार्य सुचारू रूप से चल सकें।

स्थानीय प्रतिक्रिया: कर्मचारियों में डर का माहौल

विकास भवन के कर्मचारियों के बीच इस निरीक्षण को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक वरिष्ठ कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सीडीओ साहब का आना अचानक था। हम सब चौंक गए। अब सबको सतर्क रहना पड़ेगा।” वहीं, जनता की ओर से भी प्रतिक्रिया आ रही है। स्थानीय निवासी रामकिशोर ने कहा, “अधिकारी समय पर न आएं तो हमारी शिकायतें कौन सुनेगा? यह अच्छी पहल है।”

रायबरेली जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। सीडीओ ने सभी विभागाध्यक्षों को बैठक बुलाई है, जहां अनुपस्थिति के कारणों पर चर्चा होगी। जिले में चल रही प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन और पोषण अभियान के संदर्भ में यह निरीक्षण समयोचित माना जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य अब कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना है, ताकि जिले का विकास निर्बाध गति से हो सके।

यह घटना उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहां हाल ही में लखीमपुर खीरी और गोरखपुर जैसे जिलों में भी सीडीओ के औचक निरीक्षणों से लापरवाही उजागर हुई है। रायबरेली प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अनुशासन ही विकास की कुंजी है।

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