Chandigarh University उत्तर प्रदेश ने लॉन्च किए 21 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएच.डी. प्रोग्राम्स; उत्तर प्रदेश बनेगा रिसर्च-इंटेंसिव हब

देश की पहली एआई-ऑगमेंटेड प्राइवेट मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्राप्त चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) उत्तर प्रदेश (सीयू यूपी) ने उत्तर प्रदेश के रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, डेटा साइंसेज, मैनेजमेंट, लॉ और लिबरल आर्ट्स सहित 21 एआई-ड्रिवन मल्टीडिसिप्लिनरी पीएच.डी. प्रोग्राम्स लॉन्च किए हैं। जनवरी 2026 बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे उत्तर प्रदेश रिसर्च और इनोवेशन का प्रमुख हब बनने की ओर अग्रसर हो रहा है।

सीयू यूपी के रजिस्ट्रार डॉ. अजय यादव ने लॉन्चिंग कार्यक्रम में कहा कि भारत की पहली एआई-ऑगमेंटेड यूनिवर्सिटी होने के नाते, हम रिसर्च स्कॉलर्स को फ्यूचर-ओरिएंटेड रिसर्च का अनूठा प्लेटफॉर्म प्रदान कर रहे हैं। फुल-टाइम और पार्ट-टाइम मोड में उपलब्ध इन प्रोग्राम्स में योग्य छात्रों को प्रतिमाह 35,000 रुपये की फेलोशिप भी मिलेगी। यूनिवर्सिटी ने विश्व की टॉप क्यूएस रैंकिंग वाली 20 से अधिक यूनिवर्सिटीज के साथ एमओयू साइन किए हैं, जिससे ग्लोबल कोलैबोरेशन और फील्ड-ओरिएंटेड रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।

ये पीएच.डी. प्रोग्राम्स विश्व की टॉप यूनिवर्सिटीज के मॉडल पर डिजाइन किए गए हैं, जिसमें एआई-ड्रिवन रिसर्च लैब्स, विश्व के टॉप 2% वैज्ञानिकों की फैकल्टी, फुल-फंडेड प्रोजेक्ट्स, नेशनल-इंटरनेशनल जर्नल पब्लिकेशन्स और ए-रेटेड जर्नलों में प्रकाशन के अवसर शामिल हैं। स्कॉलर्स को आईईईई, स्प्रिंगर, एल्सेवियर जैसे टॉप डेटाबेस की अनलिमिटेड एक्सेस, सीड फंडिंग, इन्क्यूबेशन सपोर्ट और इंडस्ट्री-सहयोगी प्रोजेक्ट्स मिलेंगे। विशेष रूप से कृषि, हेल्थकेयर, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम कम्प्यूटिंग, मशीन लर्निंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, जो देश-प्रदेश के विकास से सीधे जुड़े हैं।

रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सीयू यूपी अव्वल है। कैंपस में माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एसएएस एनालिटिक्स लैब, एप्पल विज़न प्रो लैब, एआई-एमएल रिसर्च सेंटर और क्विक हील साइबर डिफेंस हब जैसी हाई-टेक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ये लैब्स स्कॉलर्स को नेक्स्ट-जेनेरेशन रिसर्च, पेटेंट जेनरेशन और स्टार्टअप क्रिएशन में मदद करेंगी।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की मजबूत रिसर्च लिगेसी अब यूपी कैंपस में भी जारी है, जिसमें 21,000 से अधिक स्कोपस-इंडेक्स्ड पब्लिकेशन्स, 5,300 पेटेंट्स, 1,72,800 साइटेशन्स, हाई इम्पैक्ट फैक्टर और 90 करोड़ से अधिक के फंडेड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

प्रवेश प्रक्रिया ‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी रिसर्च एप्टीट्यूड टेस्ट’ (सी.यू.आर.ए.टी.) पर आधारित है। नेट/गेट/जीपीएटी क्वालीफाइड उम्मीदवारों को एंट्रेंस से छूट मिलेगी। पात्रता के लिए मास्टर डिग्री में 55% या 4-साल की बैचलर डिग्री में 75% अंक जरूरी हैं। स्कॉलर्स को अपनी पसंद का को-गाइड, यहां तक कि ग्लोबल फैकल्टी चुनने की स्वतंत्रता है।

सीयू यूपी के पीएच.डी. कोऑर्डिनेटर डॉ. उमाशंकर ने बताया कि प्रोग्राम्स हाई-क्वालिटी रिसर्च एन्वायरनमेंट, क्रिटिकल थिंकिंग और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन पर फोकस्ड हैं। फॉरेन-ट्रेंड पोस्ट-डॉक्टरल फैकल्टी और एडवांस्ड लैब्स स्कॉलर्स को ग्लोबल स्तर की रिसर्च करने में सक्षम बनाएंगी।

इसके अलावा, 2026-27 सत्र में सीयू यूपी 68 फ्यूचर-ओरिएंटेड प्रोग्राम्स ऑफर करेगी, जिसमें गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम जैसी कंपनियों के कोलैबरेटिव कोर्स शामिल हैं। यूनिवर्सिटी 50 करोड़ की स्कॉलरशिप और अतिरिक्त 3 करोड़ की सीवी रमन स्कॉलरशिप प्रदान करेगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटित इस कैंपस ने पहले सत्र में ही कई उपलब्धियां हासिल की हैं, जैसे कैंपस टैंक स्टार्टअप लॉन्चपैड, सीयू एआई स्पेस और ग्लोबल एमओयू। इच्छुक उम्मीदवार https://cucet.cuchd.in पर आवेदन कर सकते हैं या 1800-270-1411 पर संपर्क करें।

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