खेती की बात खेत में किसान सम्मेलन में पहुंचे CM Yogi Adityanath, प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित

CM योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) शुक्रवार को बाराबंकी पहुंचे। यहां जैदपुर के गांव दौलतपुर में पद्मश्री प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा के फार्म हाउस पर ‘खेती की बात खेत पर’ किसान सम्मेलन में शामिल हुए। किसान पाठशाला के 8 वें संस्करण का शुभारंभ किया। सीएम ने उन्नत खेती की बात की। साथ ही लखनऊ में विकसित हो रहे सीड पार्क के बारे में बताया। कहा कि हम लोगों को धरती माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना है। इसके लिए कम से कम उर्वरक प्रयोग करें।

मंच से पद्मश्री किसान रामशरण वर्मा ने कहा कि मैंने खेती और सरकार की बदौलत ही आज सवा लाख रुपए का चश्मा पहन रखा है। मजदूरों को 2 करोड़ की मजदूरी सालाना दे रहा हूं। ये सब खेती और सीएम योगी की बदौलत संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा किसान पहले जिन सुविधाओं के लिए तरसता था, आज वो सारी सुविधाएं मिल रही हैं। जो बुंदेलखंड पानी को तरस रहा था आज वहां सिंचाई के हर साधन उपलब्ध हैं। हमें खेती करते समय एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि ये धरती माता हमें पेट भरने के लिए अनाज देती हैं, इनका स्वास्थ्य भी ठीक होना चाहिए। तभी किसान उन्नत होंगे। इसलिए उर्वरक का उपयोग कम से कम करें। PM मोदी ने उन्नत खेती के जिस अभियान को आगे बढ़ाया है ये उसका ही परिणाम है, PM मोदी का कहना है कि किसान की आमदनी तभी होगी, जब लागत कम और मुनाफा ज्यादा होगा। रामशरण वर्मा आज एक एकड़ में ढाई सौ कुंतल आलू पैदा कर रहे हैं, ये उनकी उन्नत खेती का का ही परिणाम है। आज यहां मैंने प्रदेश के कोने कोने से आए कई किसानों को सम्मानित किया है। वे सभी उन्नतशील किसान हैं। जिन्होंने तकनीक और नवाचार की मदद से खेती को उन्नत बनाया है।

आज यूपी का किसान उन्नत शील खेती की तरफ आगे बढ़ा है। पिछले 8 साल से एमएसपी का भुगतान प्राप्त हो रहा है। आज किसानों के लिए सौर पंप, माइक्रो इरिगेशन का काम हो रहा है। यूपी में 9 क्लाइमेटिक जोन हैं, पहले बिचौलियों का वर्चस्व था। आज डीबीटी सुविधा है यानी सीधे किसानों के खाते में पैसा भेजा जा रहा है। देश में यूपी गेहूं उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान दे रहा है। देश में सबसे ज्यादा गन्ना यूपी में हो रहा है। अकेले 55 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन यूपी में हो रहा है। हमने गन्ने की एमएसपी 400 रुपए कर दी है। दो लाख 92 हजार करोड़ का गन्ने का भुगतान हो चुका है। प्रदेश में 122 चीनी मिले चल रही हैं। खेती को प्रोत्साहित करना होगा, जो तकनीक और नवाचार रामशरण वर्मा ने किया है वैसे ही आप लोगों को भी करना है। राम शरण ने एक नया मॉडल दिया है खेती को। ये उन्होंने लखनऊ के सचिवालय में बैठकर नहीं बल्कि अपनी खेत पर किया है। इसलिए हम यहां किसान की बात खेत पर करने आए हैं । देश में यूपी गेहूं उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान दे रहा है। देश में सबसे ज्यादा गन्ना यूपी में हो रहा है। अकेले 55 प्रतिशत गन्ने का उत्पादन यूपी में हो रहा है। हमने गन्ने की एमएसपी 400 रुपए कर दी है। दो लाख 92 हजार करोड़ का गन्ने का भुगतान हो चुका है। प्रदेश में 122 चीनी मिले चल रही हैं।

पद्मश्री किसान राम शरण बोले- आज मैंने एक लाख 25 हजार का चश्मा पहना है, साल में 40 से 50 यात्राएं विदेश की करता हूं। आलू-टमाटर, गेहूं और केला की खेती करता हूं, 300 एकड़ में फसल उगा रहा हूं, सरकार की मदद से ही अपने मजदूरों को सलाना 2 करोड़ रुपए मजदूरी दे रहा हूं। ये सब सीएम योगी की देन है। वहीं कृषि मंत्री बोले- बाराबंकी में केले के टिशू कल्चर की योजना आएगी । यहां दौलतपुर गांव में किसानों के घर दौलत बरस रही है। यहां राम शरण वर्मा की मदद से गेहूं, गन्ने, आलू टमाटर समेत कई फसलों की खेती हो रही है। आज मोदी-योगी सरकार की मदद से बाराबंकी में उन्नत खेती हो रही है। किसानों की आमदनी अब तीन गुना होने की तरफ बढ़ रही है। राम शरण वर्मा ने 5 एकड़ से खेती शुरू की थी। आज वो तीन से साढ़े तीन सौ एकड़ में खेती कर रहे हैं, यहां के किसानों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगी है, उसे जरूर देखें। आलू टमाटर के साथ वो शिमला मिर्च की खेती कर रहे हैं। बाराबंकी में केले के टिशू कल्चर के अलग से योजना लाने जा रहे हैं।

बता दें कि इस प्रगतिशील किसान सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश भर के किसानों को एक मंच पर लाना है। यहां आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक खेती के तरीके और सफल मॉडलों को साझा किया जाएगा। मुख्यमंत्री किसानों से सीधा संवाद कर कृषि क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और योजनाओं की जानकारी भी देंगे।

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