Raebareli : जमीनी विवाद में दबंगों ने पुलिस के सामने दंपति की बेरहमी से पिटाई, एक माह के मासूम को भी चोटें

वीडियो वायरल, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

Raebareli : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में थाना जगतपुर क्षेत्र के बादीपुर गांव में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। दबंगों ने एक निर्दोष दंपति की पुलिस की मौजूदगी में ही लाठियों और मुक्कों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस दौरान दंपति की गोद में लिए मात्र एक माह के मासूम बच्चे को भी गंभीर चोटें आ गईं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर दबंगों से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी से तत्काल न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो गांव में तनाव और बढ़ सकता है, जो बड़े हादसे का रूप ले सकता है। फिलहाल मामला एसपी कार्यालय की जांच के अधीन है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे शुरू हुआ विवाद?

बादीपुर गांव में रहने वाले रामू (नाम परिवर्तित) और उनकी पत्नी सीता (नाम परिवर्तित) कई वर्षों से अपनी पैतृक जमीन को लेकर स्थानीय दबंग परिवार से विवाद में उलझे हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाद करीब दो साल पुराना है, जब दबंगों ने पीड़ित दंपति की लगभग 2 बीघा जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की थी। रामू ने बताया कि उन्होंने कई बार थाना जगतपुर में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार मामला रफा-दफा कर दिया गया। “हम गरीब किसान हैं, हमारे पास कोई राजनीतिक पहुंच नहीं है। दबंगों के सामने हमारी कोई नहीं सुनता,” रामू ने दर्द भरी आवाज में कहा।

मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे, जब रामू अपनी पत्नी और नवजात शिशु के साथ खेत पर काम करने गए थे, तभी दबंगों का एक समूह वहां पहुंच गया। आरोप है कि दबंगों ने रामू को धमकाते हुए कहा कि अगर उन्होंने जमीन छोड़ दी तो उन्हें ‘सुरक्षा’ मिलेगी, वरना ‘परिणाम भुगतने पड़ेंगे’। बातचीत बढ़ने पर विवाद भड़क गया और दबंगों ने रामू पर हमला बोल दिया। सीता ने बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें भी लाठियों से पीटा गया। इस दौरान उनके गोद में लिए एक माह के बच्चे का सिर फूट गया और उसे गंभीर चोटें आईं। बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को सिर में चोट के कारण इंफेक्शन का खतरा है।

पुलिस मौके पर, लेकिन कार्रवाई ‘शून्य’: पीड़ितों का दावा

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पूरी घटना के दौरान थाना जगतपुर की पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद थी। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पुलिस वाले बस तमाशबीन बने खड़े थे। दबंगों ने खुलेआम पिटाई की, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।” वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मी घटना को शांतिपूर्वक सुलझाने के बजाय दबंगों को रोकने की कोई कोशिश नहीं कर रहे। रामू ने थाने पहुंचकर तहरीर दी, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बावजूद उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। “पुलिस ने कहा कि मामला ‘सिविल’ है, लेकिन हमारी जान पर बनी थी। क्या यह सिविल डिस्प्यूट था?” रामू ने सवाल उठाया।

पीड़ित परिवार ने एसपी रायबरेली को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने दबंगों के खिलाफ एफआईआर, निलंबन और तत्काल सुरक्षा की मांग की है। ज्ञापन में लिखा है, “पुलिस की निष्क्रियता से हमारी जान को खतरा है। अगर न्याय नहीं मिला तो हम उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो: आक्रोश की लहर

घटना का 2 मिनट का वीडियो, जो एक ग्रामीण ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया था, सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। ट्विटर (अब एक्स) और फेसबुक पर JusticeForBadiPur और RaebareliPoliceFail जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “पुलिस के सामने निर्दोषों की पिटाई? यह लोकतंत्र है या जंगलराज?” वीडियो में दंपति की चीखें और बच्चे का रोना साफ सुनाई दे रहा है, जो देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देता है। अब तक वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और कई एनजीओ तथा सामाजिक कार्यकर्ता मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आक्रोश: तनाव बढ़ने का खतरा

बादीपुर गांव में माहौल तनावपूर्ण है। ग्रामीणों ने बताया कि दबंग परिवार गांव का एक प्रभावशाली गुट है, जो स्थानीय प्रशासन पर दबाव बनाता रहता है। एक बुजुर्ग निवासी ने कहा, “अगर एसपी साहब ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की तो गांव वाले सड़कों पर उतर आएंगे। हमारी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा कौन करेगा?” कुछ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे सामूहिक रूप से धरना देंगे। जिला प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात करने का ऐलान किया है, लेकिन पीड़ित पक्ष संतुष्ट नहीं है।

प्रशासन का पक्ष: जांच चल रही, कार्रवाई का भरोसा

एसपी रायबरेली ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा, “वीडियो वायरल होने के बाद हमने तत्काल जांच शुरू कर दी है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह पुलिसकर्मी हो या दबंग। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जा रही है।” थाना जगतपुर के एसएचओ ने दावा किया कि घटना के समय वे ‘शांतिपूर्वक समझाने’ की कोशिश कर रहे थे, लेकिन विवाद इतना तेज था कि हस्तक्षेप मुश्किल हो गया। हालांकि, उन्होंने मुकदमा दर्ज न होने पर सफाई दी कि “तहरीर की जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज होती है।” जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की मजिस्ट्रेटीयल जांच के आदेश दिए गए हैं और 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

विशेषज्ञों की राय: जमीनी विवादों पर लगाम लगाने की जरूरत

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व आईएएस अधिकारी ने कहा, “उत्तर प्रदेश में जमीनी विवादों के कारण प्रतिवर्ष सैकड़ों घटनाएं होती हैं। प्रशासन को भूमि विवाद निपटान के लिए विशेष कोर्ट बनाने चाहिए। पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठना चिंताजनक है।” एक वकील ने सलाह दी कि पीड़ित को तुरंत हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करनी चाहिए।

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