Vanar Sena helps Maya Devi : धीरज और वानर सेना फिर बने देवदूत: गरीब परिवार की उम्मीद की किरण

Vanar Sena helps Maya Devi : जरूरतमंदों के लिए हमेशा तैयार रहती है वानर सेना

Vanar Sena helps Maya Devi : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में तिलोई तहसील का एक छोटा सा गांव है फूला। यहां रहने वाली माया देवी का परिवार पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। जीवन की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया था। घर में खाने-पीने की चीजें तक कम पड़ने लगी थीं। ऐसे में परिवार के सामने अंधेरा सा छा गया था। लेकिन कहते हैं न कि जब इंसान मुश्किल में होता है, तब अच्छे लोग देवदूत बनकर आते हैं। ऐसा ही कुछ माया देवी के परिवार के साथ भी हुआ।

माया देवी की मुश्किलें सुनकर तुरंत हरकत में आई टीम

माया देवी की ये दर्द भरी कहानी जैसे ही सोशल मीडिया और लोगों के जरिए वानर सेना तक पहुंची, संगठन के लोग तुरंत सक्रिय हो गए। वानर सेना एक ऐसा सामाजिक संगठन है जो गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की मदद के लिए जाना जाता है। इसकी कमान संभाल रहे हैं धीरज सिंह, जो रायबरेली में वानर सेना के जिलाध्यक्ष हैं। धीरज और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए मदद का अभियान शुरू कर दिया।

धीरज ने अपने साथियों को इकट्ठा किया और सभी ने मिलकर सहयोग राशि जुटानी शुरू की। लोग दिल खोलकर आगे आए। कोई 500 रुपये दे रहा था, तो कोई 1000। कुछ लोगों ने ज्यादा भी दिया। अल्प समय में ही करीब 70 हजार रुपये की राशि इकट्ठी हो गई। ये पैसे सिर्फ एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि कई संवेदनशील लोगों के योगदान से आए। वानर सेना के सदस्यों ने खुद भी इसमें हिस्सा लिया। टीम के लोग गांव-गांव जाकर, फोन करके और सोशल मीडिया पर अपील करके ये राशि जुटाई।

मदद पहुंचते ही परिवार के चेहरे पर आई मुस्कान

जब ये सहायता राशि माया देवी के परिवार तक पहुंचाई गई, तो उनके घर में खुशी की लहर दौड़ गई। माया देवी और उनके परिजन भावुक हो गए। उन्होंने धीरज, वानर सेना की पूरी टीम और सभी दानदाताओं का दिल से शुक्रिया अदा किया। परिवार वालों ने कहा कि इस मदद ने न सिर्फ उनकी आर्थिक समस्या कुछ हद तक दूर की, बल्कि उन्हें ये विश्वास भी दिलाया कि मुश्किल समय में भी समाज में अच्छे लोग मौजूद हैं, जो अकेला नहीं छोड़ते।

माया देवी ने बताया कि पहले तो लगता था कि अब क्या होगा, कैसे गुजारा चलेगा। लेकिन वानर सेना की इस मदद से नई उम्मीद जगी है। अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चे कुछ दिन आराम से चला पाएंगे। परिवार ने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि धीरज भाई और उनकी टीम को हमेशा खुश रखे। ऐसे लोग समाज के सच्चे हीरो हैं।”

वानर सेना क्या है और क्यों बनाई गई

वानर सेना कोई नया संगठन नहीं है। ये एक सामाजिक सेवा करने वाला ग्रुप है, जो खास तौर पर गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करता है। कोरोना काल में इसकी शुरुआत हुई थी, जब लोग भूखे मर रहे थे, इलाज नहीं मिल रहा था। तब से ये संगठन लगातार सक्रिय है। रायबरेली में धीरज सिंह इसके जिलाध्यक्ष हैं और उनकी टीम में कई युवा और समाजसेवी शामिल हैं।

ये लोग न सिर्फ पैसे की मदद करते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दवाइयां, राशन, कपड़े या कोई और सहायता भी पहुंचाते हैं। भाजपा नेता और अन्य लोग भी इनके काम की तारीफ करते हैं। पहले भी वानर सेना ने कई गरीब परिवारों की मदद की है और समाज सेवा के लिए सम्मानित भी हो चुकी है।

धीरज सिंह कहते हैं कि हमारा मकसद सिर्फ मदद करना है, बिना किसी भेदभाव के। जहां जरूरत होती है, वहां वानर सेना पहुंच जाती है। उनका संकल्प है – “जहां जरूरत, वहां वानर सेना।”

समाज के लिए एक बड़ा संदेश

ये कहानी सिर्फ माया देवी के परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। आज के समय में जब लोग अपने में व्यस्त हैं, तब ऐसे संगठन और लोग बताते हैं कि मानवता अभी जिंदा है। अगर हम सब मिलकर एक-दूसरे की मदद करें, तो किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। धीरज और उनकी टीम ने फिर साबित कर दिया कि छोटे-छोटे प्रयास से बड़े दुख दूर हो सकते हैं।

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