Raebareli : दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती फरार घोषित, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

Raebareli : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला एवं सत्र न्यायालय ने दिल्ली के पूर्व विधि एवं कानून मंत्री तथा आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सोमनाथ भारती को फरार घोषित कर दिया है। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट विवेक कुमार ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए धारा 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस भी जारी किया है। यह कार्रवाई भारती द्वारा लंबे समय से अदालत में हाजिर न होने के कारण की गई है। मामला चार साल पुराना है, जो 11 जनवरी 2021 को शहर कोतवाली में दर्ज हुआ था। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, क्योंकि भारती पर स्थानीय पुलिस अधिकारी को धमकाने और अमर्यादित बयानबाजी का आरोप है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे शुरू हुआ विवाद?

यह मामला जनवरी 2021 में तब गरमाया जब सोमनाथ भारती रायबरेली के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे। वे आम आदमी पार्टी के तत्वावधान में एक गेस्ट हाउस में सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के अस्पतालों की स्थिति पर तीखा प्रहार किया। भारती ने कहा था कि “उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में बच्चे तो पैदा हो रहे हैं, लेकिन डॉक्टर कुत्ते के बच्चे पैदा कर रहे हैं।” यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ था और इसे भड़काऊ माना गया। सभा के दौरान हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भारती पर काली स्याही फेंक दी, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया।

स्याही फेंकने की घटना के बाद भारती और उनके समर्थकों ने पुलिस के साथ अभद्रता की। उन्होंने शहर कोतवाल अतुल सिंह को धमकाते हुए कहा, “तुम्हें वर्दी उतार दूंगा।” कोतवाल अतुल सिंह की तहरीर पर शहर कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (तत्कालीन आईपीसी) की धारा 153ए (धर्म, जाति आदि के आधार पर समूहों के बीच शत्रुता फैलाना), 504 (जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। भारती को उसी शाम अमेठी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और सुल्तानपुर जेल भेज दिया गया। यह घटना रायबरेली से सटे अमेठी में भी एक अलग केस से जुड़ी हुई थी, जहां भी भारती पर योगी सरकार के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने का आरोप लगा था।

कोर्ट की कार्रवाई: जमानत से फरार तक का सफर

मुकदमा दर्ज होने के बाद भारती ने सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी। 16 जनवरी 2021 को उन्हें सशर्त जमानत मिल गई। शर्तों में 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की मांग की गई, साथ ही बिना अदालत की अनुमति के देश के बाहर न जाने की पाबंदी लगाई गई। जमानत मिलने के बाद भारती रिहा हुए, लेकिन मामला रायबरेली के जिला एवं सत्र न्यायालय में विचाराधीन रहा।

समय बीता, लेकिन भारती अदालत में हाजिर नहीं हुए। विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह ने बताया कि भारती ने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना की। लंबे समय तक गैर-हाजिरी के बाद न्यायाधीश विवेक कुमार ने 6 नवंबर 2025 को सुनवाई के दौरान उन्हें फरार घोषित कर दिया। कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए धारा 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस भेजा है, जिसके तहत भारती को संपत्ति जब्ती की धमकी दी गई है। यदि वे जल्द हाजिर नहीं होते, तो आगे की कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रभाव

आप पार्टी ने इस फैसले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन पार्टी के करीबी सूत्रों का कहना है कि भारती जल्द ही अदालत में पेश होकर सफाई देंगे। विपक्षी दलों ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया है, जबकि स्थानीय भाजपा नेताओं ने कहा कि “कानून सबके लिए बराबर है।” यह मामला दिल्ली विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जो आप के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। भारती, जो दिल्ली के मालवीय नगर से विधायक हैं, पहले भी कई विवादों में रहे हैं, जिनमें दिल्ली के एम्स अस्पताल में मारपीट का केस भी शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना विपक्षी नेताओं पर यूपी सरकार की सख्ती को दर्शाती है। फिलहाल, पुलिस को भारती की तलाश तेज करने का निर्देश दिया गया है। मामला अभी विचाराधीन है, और अगली सुनवाई की तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है।

Other Latest News

Leave a Comment