उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर के सत्यापन के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने एक फर्जी महिला डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया। कोई मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने केंद्र के आवेदन को रद्द कर दिया । इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फर्जी डॉक्टर को अपनी हिरासत में लिया और इसकी जांच- पड़ताल में जुट गई है।
नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर खलीलाबाद के नाम से अल्ट्रासाउंड रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया था। आवेदन में आज़मगढ़ निवासी मधु रानी के नाम से डिग्री और डॉक्यूमेंट्स लगाए गए। लेकिन सत्यापन के दौरान असली डॉक्टर की जगह दूसरी महिला आ गई। सत्यापन टीम की जांच में महिला घबरा गई।

पूछताछ में बताया गया कि वह बनारस में प्रैक्टिस करने वाली एक बीएएमएस डॉक्टर है। उसे पैसों का लालच देकर यहां भेजा गया था। इस फर्जीवाड़े के पीछे सीएमओ कार्यालय के रिटायर्ड बाबू अयोध्या प्रसाद का नाम सामने आया।










