Jan Aushadhi Diwas : देशभर में मनाए जा रहे जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर भारतीय का अधिकार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाज महंगा होने की वजह से किसी भी व्यक्ति को परेशानी न झेलनी पड़े।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना देश के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के जरिए देश के लाखों लोगों को कम कीमत पर दवाएं मिल रही हैं। जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध जेनेरिक दवाएं आम बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाओं की तुलना में काफी सस्ती होती हैं।
इस योजना के कारण खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिली है। कई मरीज ऐसे हैं जिनके इलाज का खर्च पहले बहुत ज्यादा होता था, लेकिन अब जन औषधि केंद्रों से दवाएं लेकर वे काफी बचत कर पा रहे हैं।
2016 में शुरू हुई थी यह योजना
प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना की शुरुआत नवंबर 2016 में की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।
सरकार का मानना है कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था तभी बन सकती है जब इलाज सभी के लिए उपलब्ध और सस्ता हो। यही वजह है कि जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ाया जा रहा है।
जन औषधि केंद्रों से मिल रहे ये प्रमुख लाभ
जन औषधि योजना के जरिए लोगों को कई तरह के फायदे मिल रहे हैं।
मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:
- जेनेरिक दवाएं बाजार से 50% से 90% तक सस्ती
- गांव और छोटे शहरों तक दवाओं की आसान उपलब्धता
- गरीब और मध्यम वर्ग के इलाज खर्च में बड़ी कमी
- स्वास्थ्य सेवाओं में समान अवसर का विस्तार
इन केंद्रों के माध्यम से लाखों लोग नियमित रूप से अपनी दवाएं खरीद रहे हैं और बेहतर उपचार प्राप्त कर रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि जन औषधि योजना देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक मजबूत और समावेशी बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। जब दवाएं सस्ती और आसानी से उपलब्ध होती हैं, तो मरीज समय पर इलाज करवा पाते हैं।
प्रधानमंत्री ने भी अपने संदेश में कहा कि यह पहल केवल दवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।










