Holi Bhai Dooj 2026 : रंगों के महापर्व होली के बाद आने वाला होली भाई दूज भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं। वहीं भाई भी अपनी बहन की सुरक्षा और सम्मान का वचन देते हैं। परंपराओं के अनुसार यह पर्व परिवार के रिश्तों को मजबूत करने और आपसी स्नेह बढ़ाने का संदेश देता है।
Holi Bhai Dooj 2026 का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस वर्ष होली भाई दूज के दिन कई शुभ समय बन रहे हैं, जिनमें तिलक और पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है। इन पवित्र काल में किए गए पूजन से सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 AM से 06:06 AM
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:42 AM से 06:55 AM
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:43 PM से 07:07 PM
- सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:45 PM से 07:58 PM
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त और गोधूलि मुहूर्त को तिलक के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है।
क्यों खास माना जाता है होली भाई दूज
भारतीय परंपराओं में भाई-बहन का रिश्ता बेहद पवित्र माना गया है और इसी भाव को मजबूत करने के लिए यह पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन बहन द्वारा श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया तिलक भाई के जीवन में सुख, यश और दीर्घायु का आशीर्वाद लाता है।
इसके साथ ही यह पर्व परिवार में प्रेम, सम्मान और सहयोग की भावना को भी बढ़ाता है। कई जगहों पर इस दिन भाई अपनी बहन के घर जाकर भोजन करते हैं, जिसे शुभ माना जाता है।
होली भाई दूज की पारंपरिक पूजा विधि
इस दिन पूजा-पाठ की एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण विधि बताई गई है। सही विधि से तिलक और पूजा करने से पर्व का महत्व और बढ़ जाता है।
पूजा की मुख्य प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सुबह स्नान कर स्वच्छ और साफ वस्त्र पहनें।
- पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और नारियल रखें।
- शुभ मुहूर्त में भाई को आसन पर बैठाएं।
- भाई के माथे पर चावल और रोली से तिलक लगाएं।
- आरती उतारकर उसके सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना करें।
- अंत में भाई को मिठाई खिलाएं और उपहार दें।
पर्व को लेकर खास परंपराएं और मान्यताएं
होली भाई दूज केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिश्तों की मिठास को बढ़ाने का अवसर भी है। कई परिवारों में इस दिन बहनें अपने भाइयों के लिए विशेष पकवान बनाती हैं और भाई बहन को उपहार देकर स्नेह व्यक्त करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा के साथ किया गया तिलक भाई-बहन के रिश्ते में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है।
तिलक करते समय इन बातों का रखें ध्यान
पंडितों के अनुसार तिलक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है।
- तिलक हमेशा शुभ मुहूर्त में करें।
- पूजा के समय मन में सकारात्मक भावना रखें।
- भाई-बहन दोनों एक-दूसरे के लिए मंगल कामना करें।
- परिवार के साथ मिलकर इस पर्व को मनाना अधिक शुभ माना जाता है।
होली के रंगों के बाद आने वाला यह पर्व रिश्तों में मिठास घोलने का अवसर देता है और भाई-बहन के अटूट प्रेम की याद दिलाता है।










