Raebareli News : खोर गांव में दबंगों के फर्जीवाड़े से जमीन हड़पने का मामला, पीड़ितों ने एसपी से की कार्रवाई की गुहार

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक बार फिर भूमि माफिया और दबंगों की मनमानी सामने आई है। मिल एरिया थाना क्षेत्र के खोर गांव के निवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली दबंगों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए उनकी पैतृक जमीन को धोखाधड़ी से हड़प लिया। इस मामले में पीड़ित परिवार ने मंगलवार (11 नवंबर 2025) को जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि उनकी शिकायत पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

घटना का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार, खोर गांव में रहने वाले रामलखन यादव (नाम परिवर्तित) और उनके परिवार की लगभग 2.5 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पर दबंगों की नजर पड़ चुकी थी। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनकी जमीन का रिकॉर्ड राजस्व विभाग में स्पष्ट रूप से उनके नाम पर दर्ज है, लेकिन दबंगों ने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी और नकली स्टांप पेपर का सहारा लेकर 2024 के अंत में ही इस जमीन को अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार ने अपनी जमीन पर खेती करने की कोशिश की, तो दबंगों के गुर्गों ने उन्हें धमकियां देकर भगा दिया।

पीड़ित रामलखन ने बताया, “हमारा परिवार पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती करता आ रहा है। ये दबंग, जो गांव में ही रहते हैं और स्थानीय प्रभाव रखते हैं, ने हमें भरोसा देकर साइन करवाए और फिर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा ली। जब हम थाने पहुंचे, तो वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी साहब से हमारी गुजारिश है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और अपराधियों को सजा मिले।” रामलखन के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों, जैसे उनकी पत्नी सीता देवी और बेटे अजय ने भी एसपी को दिए पत्र में विस्तार से सारी घटना बयान की। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों ने न केवल जमीन हड़पी, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ितों का एसपी कार्यालय धरना

मंगलवार दोपहर करीब 4 बजे पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा। यहां उन्होंने न केवल शिकायती पत्र सौंपा, बल्कि एसपी से मिलने की जिद भी की। हालांकि, एसपी की अनुपस्थिति के कारण वे सीधे उनसे नहीं मिल सके, लेकिन उनके स्टाफ को सारी बात बताई। पीड़ितों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेंगे। एक पीड़ित ने भावुक होकर कहा, “हम गरीब किसान हैं, हमारे पास न पैसा है न रसूख। ये दबंगों का राज चलेगा तो गांव में कोई सुरक्षित नहीं बचेगा।”

जिले में बढ़ते भूमि विवाद

रायबरेली जिला लंबे समय से भूमि विवादों का शिकार रहा है। पिछले एक साल में ही मिल एरिया थाना क्षेत्र में कम से कम 15 ऐसे मामले दर्ज हो चुके हैं, जहां फर्जी दस्तावेजों से जमीन हड़पने की शिकायतें आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्व रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के बावजूद ग्रामीण स्तर पर भ्रष्टाचार और दबंगों का दबदबा इन फर्जीवाड़ों को बढ़ावा दे रहा है। जिला प्रशासन ने पहले भी कई बार अभियान चलाने की बात कही है, लेकिन पीड़ितों का आरोप है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है।

पुलिस और प्रशासन का पक्ष

मिल एरिया थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया, “पीड़ितों की शिकायत हमारे संज्ञान में है। हमने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि के लिए राजस्व विभाग से संपर्क किया जा रहा है। अगर आरोप सही पाए गए, तो आरोपी दबंगों के खिलाफ धोखाधड़ी और भूमि हड़पने के तहत सख्त एक्शन लिया जाएगा।” वहीं, एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही एक विशेष टीम गठित कर जांच कराई जाएगी।

पीड़ित परिवार की मांगें

पीड़ितों ने अपनी शिकायत में निम्नलिखित मांगें की हैं:

  • फर्जी दस्तावेजों की जांच और आरोपी दबंगों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करना।
  • हड़पी गई जमीन को मूल मालिकों को वापस दिलाना।
  • पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करना, ताकि वे बिना डर के गांव में रह सकें।
  • जिले भर में भूमि रिकॉर्ड की ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करना।

यह मामला न केवल खोर गांव, बल्कि पूरे रायबरेली जिले के लिए एक सबक है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के प्रति अविश्वास और गहरा सकता है। हम विकास की बातें करते हैं, लेकिन जब तक आम किसान की जमीन सुरक्षित नहीं, तब तक सच्चा विकास संभव नहीं। जिला प्रशासन से उम्मीद है कि वह पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाएगा।

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