Shat Chandi Mahayagya Swang Gomia : झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में स्थित स्वांग कोलियरी के न्यू माइनर्स कॉलोनी में मां भगवती देवी दुर्गा मंदिर के परिसर में एक बार फिर धार्मिक उल्लास की लहर दौड़ गई है। यहां श्री शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। यह यज्ञ 19 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक चलेगा। कल (19 जनवरी) को कलश यात्रा के साथ इसका शुभारंभ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। यह आयोजन पिछले कई वर्षों से परंपरा के रूप में चल रहा है और इस बार भी पूजा समिति ने इसे बेहद धूमधाम से मनाने की तैयारी की है।
कलश यात्रा से हुआ यज्ञ का आगाज

मंगलवार, 19 जनवरी को सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल छा गया। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। यह यात्रा मंदिर से शुरू होकर आसपास के इलाकों में घूमी और फिर वापस मंदिर लौटी। कलश में गंगाजल भरकर मां दुर्गा की आराधना की गई। इस यात्रा में भूतपूर्व विधायक लंबोदर महतो, शेखर प्रजापति, विजय सिंह, राजेश विश्वकर्मा, मनोज सिंह, मिथलेश पाठक, धनंजय सिंह, के बी पाण्डेय, राजेंद्र, रविन्द्र सिंह, जगदीश शेखर, उदय सिंह, रीना सिंह, संगीता सिंह, रागनी सिंह, निर्मला दुबे सहित सैकड़ों ग्रामीण वासी शामिल हुए। सबने हाथ में कलश लिए भक्ति भाव से भाग लिया। यात्रा में महिलाओं और बच्चों की भी अच्छी संख्या थी, जो मां दुर्गा के जयकारे लगा रही थीं।
यज्ञ की अवधि और मुख्य आकर्षण
यह महायज्ञ कुल 9 दिन (19 जनवरी से 27 जनवरी तक) चलेगा। यज्ञ में शतचंडी पाठ, हवन, पूजन और आरती का क्रम चलेगा। मुख्य रूप से देवी चरित्र और दुर्गा सप्तशती के पाठ होंगे।
- 20 जनवरी से 26 जनवरी तक: वृन्दावन धाम की प्रसिद्ध लक्ष्मी रामायणी दीदी (साध्वी दीदी लक्ष्मी रामायणी) संगीतमय प्रवचन देंगी। उनकी कथाएं भक्ति रस से भरी होती हैं और हजारों श्रद्धालु इन्हें सुनने आते हैं। दीदी रामायण और देवी महात्म्य पर आधारित प्रवचन देंगी, जो लोगों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करेंगी।
- 27 जनवरी (समापन दिवस): त्रिपुरारी जी महाराज (गुरुजी), जो झारखंड सरकार के गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं, संगीतमय प्रवचन करेंगे। उनके भजन और कथा सुनकर भक्त झूम उठते हैं। समापन पर महाप्रसाद और भंडारा का आयोजन होगा।
संगठनों का सक्रिय सहयोग

इस यज्ञ में कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों का खास सहयोग रहा है। पत्रकार संघ, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भागीदारी की। ये संगठन व्यवस्था, सुरक्षा और प्रसाद वितरण में मदद कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी युवा और महिलाएं कमेटी में जुटी हुई हैं, जिससे आयोजन सुचारू रूप से चल रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए महत्व
स्वांग कोलियरी क्षेत्र कोयला खदान के कारण जाना जाता है, लेकिन यहां धार्मिक आयोजन लोगों को एकजुट करते हैं। मां भगवती दुर्गा मंदिर साल भर भक्तों की आस्था का केंद्र है। शतचंडी महायज्ञ जैसे बड़े अनुष्ठान से इलाके में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। लोग मानते हैं कि इस यज्ञ से परिवार में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि आती है। कई श्रद्धालु दूर-दूर से भी आ रहे हैं।
पूजा समिति के जो पदाधिकारी हैं उनका कहना है कि इस बार यज्ञ में काफी अलग व्यवस्था की गई है, उन्होंने बताया कि साफ- सफाई,पानी और बैठने की व्यवस्था भी है, साथ ही रोजाना भंडारा भी होगा जिससे सबको प्रसाद मिलेगा।
भक्ति और एकता का प्रतीक
यह महायज्ञ सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। पूर्व विधायक से लेकर आम ग्रामीण तक सब एक साथ शामिल हो रहे हैं। संगठनों की भागीदारी से यह और मजबूत हुआ है। 27 जनवरी को समापन के दिन हजारों लोग जुटने की उम्मीद है।










