Raebareli News : सदर तहसील में 8 सूत्री मांगों को लेकर धरने पर बैठे लेखपाल संघ, पदाधिकारियों ने कहा – “मांगें पूरी न हुईं तो आंदोलन तेज होगा”

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में लेखपालों की लंबित मांगों को लेकर आज एक बड़ा धरना प्रदर्शन हुआ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय अध्यक्ष के आह्वान पर सदर तहसील परिसर में सैकड़ों लेखपाल एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरने पर बैठे। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन ने तहसील के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया। ग्रामीणों को नामांतरण, जाति प्रमाण पत्र और अन्य राजस्व कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट बयान देते हुए कहा कि जब तक उनकी 8 सूत्री मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

धरना प्रदर्शन सदर तहसील के लेखपाल परिसर में आयोजित किया गया, जहां लेखपालों ने बैनर, पोस्टर और नारों के साथ अपनी नाराजगी जाहिर की। संघ के तहसील अध्यक्ष ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश में समवर्ती रूप से चल रहा है, लेकिन रायबरेली में यह खास तौर पर मुखर रहा। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित 8 सूत्री ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा, जिसमें वेतन वृद्धि, भत्तों में इजाफा और पदोन्नति जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि ये मांगे वर्षों से लंबित हैं और शासन स्तर पर सहमति होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

धरने का विवरण और प्रभाव

सदर तहसील परिसर में सुबह 11 बजे लेखपाल एकत्रित हुए और तहसील भवन के सामने धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लेखपालों ने अतिरिक्त राजस्व कार्यों का बहिष्कार कर दिया, जिससे समाधान दिवस प्रभावित हो गया। ग्रामीणों को तहसील पहुंचकर लंबा इंतजार करना पड़ा। संघ के सदस्यों ने कहा कि यह एक दिवसीय धरना है, लेकिन यदि मांगें न मानी गईं तो अगले चरण में विधानसभा घेराव तक का फैसला लिया जा सकता है।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। जिला प्रशासन ने लेखपाल प्रतिनिधिमंडल से वार्ता का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई लिखित प्रतिक्रिया नहीं मिली। ऊंचाहार तहसील में भी समानांतर धरना चला, जहां लेखपालों ने पेंशन और स्थानांतरण की मांगों पर जोर दिया।

लेखपाल संघ के पदाधिकारियों का बयान

धरने के दौरान उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय अध्यक्ष (जिनके नाम गोपनीय रखे गए) ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमारी 8 सूत्री मांगें वर्ष 2018 से लंबित हैं। शासन ने राजस्व परिषद स्तर पर सहमति दी थी, लेकिन अमल नहीं हुआ। लेखपाल ग्रामीण स्तर पर राजस्व विभाग की रीढ़ हैं, लेकिन हमें न्यूनतम सुविधाएं भी नहीं मिल रही। जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी, यह प्रदर्शन चलता रहेगा। पहले चरण में धरना, दूसरे में अतिरिक्त कार्य बहिष्कार, और तीसरे में जनप्रतिनिधियों के आवासों पर प्रदर्शन करेंगे।”

तहसील अध्यक्ष ने आगे कहा, “हम पुलिस सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, क्योंकि क्षेत्रीय कार्यों में खतरा रहता है। थानों पर घंटों इंतजार के बाद भी सहायता नहीं मिलती। इसके लिए अलग चौकी बनाई जाए। वेतन विसंगति और भत्तों की अनदेखी से हम मजबूर हैं। सरकार से अपील है कि न्यायपूर्ण मांगों पर तत्काल कार्रवाई करें।”

8 सूत्री मांगों का ब्यौरा

लेखपाल संघ ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से गिनाया है। ये मांगे न केवल रायबरेली, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लेखपालों की साझा पीड़ा हैं। मुख्य मांगे इस प्रकार हैं:

  1. लेखपाल पद की शैक्षणिक योग्यता और पदनाम में संशोधन : वर्तमान स्नातक योग्यता को देखते हुए पदनाम ‘राजस्व सहायक’ या समकक्ष किया जाए।
  2. प्रारंभिक वेतनमान में वृद्धि : न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर अन्य राजस्व कर्मियों के समकक्ष किया जाए।
  3. एसीपी (वार्षिक वेतन वृद्धि) विसंगति दूर करना : असमानता को समाप्त कर समान लाभ दिया जाए।
  4. मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन बहाली : पेंशन विसंगति को दूर कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
  5. राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार पदों में वृद्धि : पदोन्नति के अवसर बढ़ाने हेतु अतिरिक्त पद सृजित किए जाएं।
  6. स्टेशनरी भत्ता बढ़ोतरी : वर्तमान 100 रुपये मासिक से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाए।
  7. यात्रा/वाहन भत्ता बहाली : नियत यात्रा भत्ते के स्थान पर मोटरसाइकिल/वाहन भत्ता लागू किया जाए, तथा विशेष वेतन भत्ता 100 से 2500 रुपये मासिक हो।
  8. अंतर्मंडलीय स्थानांतरण और पुलिस सुरक्षा : 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के तहत ऑनलाइन स्थानांतरण सूची जारी की जाए। साथ ही, क्षेत्रीय कार्यों के लिए तत्काल पुलिस सहायता हेतु अलग चौकी स्थापित की जाए। 3000 से अधिक लेखपाल 500-1000 किमी दूर परिवार से दूर तैनात हैं।

ये मांगे पिछले 9 वर्षों से लंबित हैं। संघ का दावा है कि अन्य विभागों में स्थानांतरण हो चुके हैं, लेकिन राजस्व विभाग में उपेक्षा हो रही है।

जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिलाधिकारी रायबरेली ने कहा कि ज्ञापन प्राप्त हो गया है और शासन को भेजा जा रहा है। “हम लेखपालों की समस्याओं से अवगत हैं। जल्द ही वार्ता का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई।” हालांकि, लेखपालों ने आश्वासन पर भरोसा न करने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों में कोई सकारात्मक कदम न उठा तो आंदोलन का दायरा बढ़ेगा। यह धरना रायबरेली के साथ-साथ बाराबंकी, कैराना, महोबा, जालौन, कौशांबी और झांसी जैसे जिलों में भी चला। लेखपाल संघ ने कहा कि यह आंदोलन ग्रामीण राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए है, न कि व्यवधान के लिए। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे धैर्य रखें और प्रशासन पर दबाव बनाएं।

Other Latest News

Leave a Comment