Raebareli News : लखनऊ की कायाकल्प टीम ने रायबरेली जिला अस्पताल का किया निरीक्षण

साफ-सफाई और दवा वितरण में लापरवाही उजागर, सुधार के दिए सख्त निर्देश

Raebareli News : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लखनऊ से पहुंची कायाकल्प टीम ने अस्पताल की समग्र व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई वार्डों और विभागों में साफ-सफाई की कमी, स्टाफ की लापरवाही और संसाधनों के प्रबंधन में खामियां सामने आईं, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कायाकल्प योजना के तहत गठित यह टीम मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता, मरीजों की देखभाल और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर फोकस करती है। टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार के साथ मिलकर अस्पताल के सभी प्रमुख वार्डों, इमरजेंसी यूनिट, ओपीडी और फार्मेसी का दौरा किया। इस दौरान टीम ने न केवल भौतिक अवसंरचना का जायजा लिया, बल्कि मरीजों की शिकायतों को भी सुना और स्टाफ से सीधी बातचीत की।

साफ-सफाई और लापरवाही की हकीकत आई सामने

निरीक्षण में सबसे बड़ी खामी साफ-सफाई के मोर्चे पर देखी गई। कई वार्डों में फर्श पर धूल-मिट्टी, कचरा बिखरा हुआ और बेडशीट्स गंदी मिलीं। शौचालयों की स्थिति और भी दयनीय थी, जहां पानी की कमी और सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति स्पष्ट दिखाई दी। टीम ने इसे मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया। इसके अलावा, कुछ वार्डों में नर्सिंग स्टाफ की कमी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति भी लापरवाही का उदाहरण बनी। एक मरीज के परिजन ने टीम को शिकायत की कि दवाएं समय पर नहीं मिल रही हैं और जांच रिपोर्ट में देरी हो रही है।

दवाओं और सुविधाओं पर फोकस

मरीजों को मिलने वाली दवाओं और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। टीम ने मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ से विस्तृत वार्ता की। पूछताछ में पता चला कि कुछ आवश्यक दवाएं स्टॉक में कम हैं, जबकि कुछ का वितरण अनियमित है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत खोले गए मेडिकल स्टोर की जांच की गई। यहां टीम ने पाया कि योजना के लाभार्थियों के लिए नि:शुल्क दवाएं उपलब्ध तो हैं, लेकिन स्टॉक मैनेजमेंट में कमी है।

टीम ने तत्काल प्रभाव से निर्देश दिए कि:

  • मेडिकल स्टोर में सभी आवश्यक दवाओं की पर्याप्त मात्रा हमेशा उपलब्ध रहे।
  • दवाओं का वितरण पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो, ताकि कोई मरीज वंचित न रहे।
  • स्टॉक रजिस्टर की नियमित जांच और डिजिटल ट्रैकिंग शुरू की जाए।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने टीम को आश्वासन दिया कि सभी कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा, “कायाकल्प टीम के सुझावों को गंभीरता से लिया जा रहा है। हम स्टाफ की ट्रेनिंग, सफाई व्यवस्था और दवा प्रबंधन में तुरंत सुधार करेंगे।”

सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

यह निरीक्षण रायबरेली जिला अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कायाकल्प योजना के तहत अस्पतालों को रेटिंग दी जाती है, और बेहतर प्रदर्शन पर अतिरिक्त फंडिंग मिलती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे निरीक्षण नियमित होने चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को शहर जैसी सुविधाएं मिल सकें।

जिला प्रशासन ने भी इस निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एक एक्शन प्लान तैयार करने का ऐलान किया है। आने वाले दिनों में अस्पताल में स्वच्छता अभियान, स्टाफ की अतिरिक्त भर्ती और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की योजना है। यह कदम न केवल रायबरेली बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में सुधार की मिसाल कायम कर सकता है।

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